हाटा नगर के बाघनाथ चौराहा के पास वार्ड नंबर एक में नहर ओवरफ्लो होने से सड़क व घरों में घुसा पानी
हाटा। नगर से होकर गुजरी देवरिया रजवाहा की सफाई मानक के अनुसार नहीं होने और विभागीय अधिकारियों के सह पर जेसीबी से मिट्टी निकालकर बेच देने की वजह से मंगलवार की भोर में नहर ओवरफ्लो हो गई। नहर का पानी पटरी पर बनी सड़क पर करीब एक फीट तक भर गया। इससे बगल के मुहल्ले के कई घरों में भी पानी घुस गया। इससे लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की।
देवरिया रजवाहा की सफाई का कार्य तय समय से काफी देर से विभाग की ओर से शुरू कराया गया था। सिंहपुर गांव के पास से शुरू होने वाली इस नहर की सफाई दो से तीन किलोमीटर करने के बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। इधर नहर में पानी छोड़ने में देरी हो रही थी। लिहाजा सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकरियों ने कुछ जेसीबी वालों को नहर से मिट्टी निकालने की मौखिक स्वीकृति दे दी।
नहर की मजबूती के लिए सिल्ट और मिट्टी निकालकर पहले दोनों किनारों पर रखकर बंधा बनाने का नियम है, ताकि नहर का पानी ओवर फ्लो न करे, लेकिन यहां सफाई के नाम पर केवल मिट्टी निकालने की वजह से जगह-जगह नहर का पानी ओवरफ्लो करने लगा है। नगर के बाघनाथ चौराहे के पास नहर के बगल में स्थित मोहल्ले के लोग मंगलवार को जब सुबह जगे तो उनके घरों तक पानी आ गया था। सड़क पर एक फीट तक पानी लगा रहा। इस मोहल्ले के रहने वाले दिग्विजयनाथ मिश्रा, दिलीप, शंभू सोनकर, रामदास सिंह सहित कई लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन कर नाराजगी जताई तो अधिकारियों ने आगे से पानी का बहाव कम कराकर ओवरफ्लो को कम कराया। मुहल्ले के लोगों ने इस पर नाराजगी जताई है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के एई अक्षय कुमार झा ने बताया कि जिस फर्म को सफाई का ठेका मिला था, वह काम छोड़कर भाग गया। इस वजह से नहर की ठीक से सफाई नहीं हो पाई और यह समस्या उत्पन्न हो गई। विभाग की ओर से उस फर्म को काली सूची में डाल कर जुर्माना लगाया गया है। पानी का बहाव कम करा दिया गया है। जल्द ही इस समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।