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Kushinagar News: गंडक में तेज हुआ पानी का डिस्चार्ज, खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर पहुंची नदी

Fri, 15 Aug 2025 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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एपी तटबंध की निगरानी में जुटे बाढ़ खंड के अभियंता। संवाद 
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तमकुहीरोड/खड्डा। गंडक नदी में बृहस्पतिवार से पानी का डिस्चार्ज एक बार फिर बढ़ने लगा है। दोपहर में 1.50 लाख क्यूसेक से ऊपर चला गया। संभावना है कि यह डिस्चार्ज बढ़कर 1.75 लाख क्यूसेक से अधिक तक जा सकता है। भैसहा गेज स्थल पर नदी चेतावनी बिंदु से 50 सेमी ऊपर बह रही है। अब एक बार फिर तटबंध के संवेदनशील स्थानों पर पानी का दबाव बनना शुरू हो गया है। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने तटबंधों पर चौकसी बढ़ा दी है, जबकि लोगों का कहना है कि यदि डिस्चार्ज बढ़ने का सिलसिला जारी रहता है तो बांध की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
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गंडक नदी का डिस्चार्ज पिछले तीन चार दिन से सवा लाख क्यूसेक के आसपास स्थिर बना हुआ था, लेकिन बृहस्पतिवार को सुबह से ही डिस्चार्ज में बढ़ोतरी होने लगी है, बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे जहां पानी का डिस्चार्ज 1.29 लाख क्यूसेक था, जो आठ बजे बढ़ कर 1.34 लाख क्यूसेक, दस बजे 1.44 हजार क्यूसेक और बारह बजे डिस्चार्ज बढ़कर 1.50 लाख क्यूसेक से अधिक चला गया।
नरवाजोत, पिपराघाट, चैनपट्टी, जवहीदयाल, मुसहर बस्ती, विरवट कोन्हवलिया नोनिया पट्टी, कचहरी टोला सहित अन्य संवेदनशील जगहों पर पानी का तेजी से दबाव बनना शुरू हो गया है। इससे बांध के किनारे रहने वाले लोगोें की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के बुटाई निषाद, कैलाश सिंह, प्रभुनाथ यादव, भरत गुप्ता, नंदलाल यादव, प्रदीप सिंह आदि लोगों का कहना है कि नरवाजोत में छोड़कर बाकी सभी छह परियोजनाओं का लगभग तीन चौथाई से अधिक पुरा हो चुका है, लेकिन अभी भी बरसात का समय बाकी है और यदि डिस्चार्ज बढ़ने का सिलसिला जारी रहता है तो तटबंधों पर खतरा बढ़ना तय है। संभावित खतरे को देखते हुए बंधे के बचाव में लगे जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है।
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