पिपरा बाजार। किसानों का कहना है कि ड्रेन की सफाई नहीं होने से ताल-चंवर से बरसात का पानी नहीं निकल पाता है। मछलियां पकड़ने के लिए ड्रेन में जगह-जगह बांध बना देने से जलभराव हो गया है।
नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कौवासार ताल से निकली लगभग 25 किलोमीटर लंबी ड्रेन रामकोला, विशुनपुरा क्षेत्र के पकडि़यार, सौरहा, सिंगहा, चक चिंतामणि, कठिनइया, मठिया धीर, बभनौली, रोआरी, भुईसोहरा, बिहुली निस्फी, नौगांवा, माघी मठिया, परगन मठिया, मेहदीगंज और सौनहा तक जाती है। गांवों के चंवर का पानी इसी ड्रेन से निकलता है।
क्षेत्रीय के किसान महेंद्र पांडेय, संतोष राय, परमात्मा पांडेय, भरत यादव, अरुण दुबे, बिहारी गुप्त आदि ने बताया कि मांडेराय गांव के खेदू छपरा टोले से पथरदेवा की दूरी महज डेढ़ किमी है। इतनी दूरी में शिकारियों ने ड्रेन को आठ से दस जगह बांध दिया है। कप्तानगंज एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने कहा कि ड्रेन में बांध बनाकर पानी के बहाव को रोकना अपराध है। स्थलीय निरीक्षण कराकर बांध बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।