दुदही। क्षेत्र के एक बूथ पर मतदान कराने आई कर्मचारी को बुधवार के दिन प्रसव पीड़ा होने लगी। उसे लोग दुदही सीएचसी पर ले गए लेकिन काफी देर तक डॉक्टर के नहीं आने से कराहती रही। अंत में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया।
इस वजह से कुछ तक मतदान ठप रहा। दुदही क्षेत्र के अमवादीगर गांव के एक पोलिंग बूथ पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी लगाई गई थी, वह गर्भवती थी। सुबह करीब नौ बजे मतदान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रसव पीड़ा होने लगी। वहां कुछ देर के लिए मतदान बंद कर दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को लेकर लोग दुदही सीएचसी पर पहुंचे। वहां काफी देर तक डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा, लेकिन कोई नहीं आया। इस दरमियान महिला प्रसव पीड़ा से कराहती रही। महिला को लेकर उसके पति एक निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां कुछ देर बाद उसने बच्ची को जन्म दिया। महिला के पति का कहना था कि ड्यूटी कटवाने के लिए अधिकारियों से काफी अनुरोध किया गया था, लेकिन किसी ने एक नहीं सुना।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग ने कुशीनगर में एक गर्भवती महिला की चुनाव ड्यूटी लगाए जाने और ड्यूटी के दौरान प्रसव की घटना का संज्ञान लिया है।
उन्होंने कहा कि यह पता कर रहे हैं कि महिला की ड्यूटी किन परिस्थितियों में लगाई गई। उन्होंने कहा कि चुनाव में कर्मियों की कोई कमी नहीं थी। ऐसे में यदि जोर जबर्दस्ती से महिला की ड्यूटी लगाई गई तो यह गंभीर अपराध है। अमानवीय है। यह आपराधिक कृत्य है। उन्होंने तथ्य सामने आने पर आयोग इस पर निर्णय लेगा।