छठी-सातवीं के छात्रों को बना दिया वोटर, बीएलओ को बर्खास्त करने का निर्देश
फाजिलनगर ब्लाक के सुमही गांव का मामला, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट द्वारा कराई जांच में मामला सामने आया
संवाद न्यूज एजेंसी
तुर्कपट्टी। फाजिलनगर ब्लॉक के सुमही बुजुर्ग गांव की मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि बीएलओ ने सूची तैयार करते समय फर्जी तरीके से करीब 400 ऐसे लोगों के नाम जोड़ दिए जो या तो 18 साल से कम उम्र के हैं या वहां के निवासी नहीं हैं। इसमें कुछ छठी-सातवीं के भी हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने आरोपी बीएलओ को बर्खास्त करने और केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।
पंचायत चुनाव के लिए बनाई जा रही मतदाता सूचियों का प्रथम प्रकाशन हो चुका है। इस पर आपत्तियां लेकर अब अंतिम सूची का प्रकाशन होना है। फाजिलनगर ब्लाक के सुमही बुजुर्ग गांव में बीएलओ का कार्य रोजगार सेवक लोकमान अंसारी कर रहे थे। गांव के मधुबन सिंह, शेषनाथ मिश्र, ग्राम प्रधान सुनील कुमार सिंह आदि ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि बीएलओ द्वारा 14 वर्ष से लेकर 17 वर्ष तक के किशोरों को भी मतदाता बना दिया गया है। आरोप है कि बीएलओ अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाना चाहता है। पिछले पंचायत चुनाव में वह ग्राम प्रधान पद का प्रत्याशी भी रह चुका है। बीएलओ द्वारा अपने मजरे के तीन वार्ड से करीब चार सौ नए मतदाताओं का नाम निर्वाचक नामावली में जोड़ दिया गया है। जिसमें कई नाम पड़ोसी गांव व पड़ोसी प्रांत बिहार के भी हैं।
इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बीते सप्ताह आरोपी बीएलओ लोकमान अंसारी को हटाकर दूसरे को बीएलओ बना दिया था। जांच के दौरान यह बात सामने आयी थी कि पूर्व बीएलओ ने फर्जी आधार नंबर व नाम-पते से जो मतदाता बनाए हैं उसमें से कई छठीं व सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया पूर्ण वोरा ने बताया कि मामले की जानकारी तीन दिन पहले हुई थी। शिकायतों की ब्लाक व राजस्व कर्मियों से जांच कराई गई है। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। तत्कालीन बीएलओ को बर्खास्त करने और केस दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
तीन सदस्यीय कमेटी कर रही जांच
एडीओ पंचायत मजरूल हक ने बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर उनकी अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनी है। कमेटी जल्द जांच कर अगली कार्रवाई के लिए रिपोर्ट अफसरों को भेजेगी।