पडरौना। अवैध खनन के परिवहन पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ट्रैकिंग डिवाइस के सड़कों पर दौड़ने वाले खनिज वाहनों पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उन्हें तुरंत सीज भी किया जा सकता है।
खनन माफियाओं और अवैध रूप से खनिजों का ओवरलोड परिवहन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग और खनन विभाग ने संयुक्त रूप से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शासन के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन ने जनपद के सभी डंपरों, ट्रकों और खनिज ढोने वाले अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य कर दिया है। जांच के दौरान यदि किसी वाहन में यह जीपीएस-आधारित ट्रैकिंग डिवाइस नहीं पाई गई, तो एआरटीओ की उड़नदस्ता टीमें भारी चालान और वाहन जब्ती की सख्त कार्रवाई करेंगी। इस डिवाइस के लगने से खनन विभाग और परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम से हर वाहन की लाइव लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी।
एआरटीओ मोहम्मद अजीम ने बताया कि सभी ट्रांसपोर्टर्स और लीज धारकों को अपने वाहनों में निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राधिकृत वेंडर से ही व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। बिना ट्रैकिंग डिवाइस के कोई भी खनिज वाहन जनपद की सीमा में संचालित नहीं हो सकेगा। चेकिंग के दौरान दोषी पाए जाने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाया जाएगा। यही नहीं बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन का परमिट भी निरस्त किया जा सकता है।