नेबुआ नौरंगिया। पडरौना तहसील के ढोरही गांव के विरती टोला के दलित के नाम से आवंटित पट्टा न्यायालय के आदेश से खारिज हो गया और भूमि ग्राम सभा के बंजर खाते में दर्ज हो गई है। पीड़ित के समर्थन में ग्रामीणों ने गांव के विवाह भवन परिसर में प्रदर्शन कर भूमि आवंटित करने की मांग की है। ढोरही गांव के विरती टोला के भूमिहीन दलित व्यक्ति महंथी पुत्र त्रिवेनी के नाम से 1983 में 50 डिसमिल भूमि आवंटित कर कब्जा दिलाया गया था।
सन 2018 में तत्कालीन प्रधान ने जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दाखिल कर जमीन को खाली कराने की मांग की। न्यायालय ने साक्ष्य व जांच के आधार पर 26 अक्तूबर 2024 में महंथी का नाम खारिज कर ग्राम सभा के बंजर खाते में भूमि को दर्ज करा दिया। जब इसकी जानकारी पीड़ित पक्ष को हुई तो परिवार मायूस हो गया। महंथी ने कमिश्नर न्यायालय गोरखपुर में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। इसके बाद उसके समर्थन में गांव के गनपत, मीनू, छट्ठू, लक्ष्मी, मिश्रीलाल, सूरेश, शुभनारायण, विरेंद्र, मोतीचंद, गोपी, मोलई, मोहन, संदीप, सुभावती, मैना, चंद्रावती, लालती समेत सैकड़ों लोग उतर गए।
विवाह भवन परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रर्दशन करते हुए शासन-प्रशासन से कृषि योग्य भूमि आवंटित करने की मांग की है।े