मिशन शक्ति फेज-6 के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध के प्रति किया जागरूक
कसया। एक निजी स्कूल परिसर में बृहस्पतिवार को मिशन शक्ति फेज-6 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें छात्राओं को सुरक्षा, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।
डीआईजी एस. चनप्पा ने कहा कि मोबाइल का उपयोग अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी। यह पूरी तरह हम पर निर्भर करता है कि हम उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से करते हैं। आज के दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन सबसे स्वर्णिम समय होता है। उन्हें यह तय करना चाहिए कि भविष्य में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है। कोई भी क्षेत्र खराब नहीं होता बल्कि सफलता के लिए सच्ची लगन, अनुशासन और कठिन परिश्रम जरूरी है।
अनुशासन में रहकर मेहनत करने वालों की जीत सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड और ओटीपी साझा न करें। ऐसा करने पर वह आपके बैंक खाते से रुपये निकाल सकता है। यदि कोई व्यक्ति पुलिस या अन्य अधिकारी बनकर फोन करे और रुपये की मांग करे तो सतर्क हो जाएं। ऐसे लोगों को अपनी निजी जानकारी न दें और न ही उनके कहने पर पैसे भेजें।
इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। इसके बाद डीआईजी ने थाने का निरीक्षण किया और मिशन शक्ति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक, एसपी केशव कुमार, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ जयंत यादव, एसओ इत्यानंद पांडेय, महिला थाना प्रभारी सुमन सिंह, राजीव गुप्ता, प्रधानाचार्य पूनम गुप्ता आदि मौजूद रहे।