पकवा इनार। बृहस्पतिवार को 120 सदस्यीय वियतनामी पर्यटकों के दल ने मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में महात्मा बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया। विश्व शांति की कामना की। यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कर विशेष पूजा-अर्चना की और लुंबिनी के लिए रवाना हो गया।
वैशाली से बुधवार की देर रात में पर्यटकों का दल कुशीनगर पहुंचा। रात्रि विश्राम के बाद वे बृहस्पतिवार मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचे। मंदिर में मौजूद भंते अशोक ने विशेष पूजा-अर्चना कराई। मंदिर में लेटी प्रतिमा की विशिष्टता और उसकी तीन अलग-अलग मुद्राओं के बारे में बताया। पर्यटकों ने बुद्ध प्रतिमा पर चीवर चढ़ाया। इसके उपरांत स्तूप की परिक्रमा कर उसके महत्व की भी जानकारी हासिल की, जिसमें बुद्ध की अस्थियां और राख सुरक्षित है।
मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर के बाद पर्यटक बुद्ध के अंतिम संस्कार स्थल रामाभार स्तूप पहुंचे। भंते अशोक ने उन्हें स्तूप और उत्खनित पुरावशेषों के बारे में सूक्ष्म जानकारी दी। इसके अलावा मांथा कुंवर मंदिर सहित अन्य स्थलों का भ्रमण किया। यह दल भारत के 12 दिवसीय दौरे पर है। ये लोग कुशीनगर से पूर्व वैशाली सहित बुद्ध से जुड़े प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं। यहां से दल महात्मा बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी के लिए रवाना हो गया। वहां से अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कर यह दल दिल्ली जाएगा और वहां से स्वदेश रवाना हो जाएगा।
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