मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निरीक्षण में खुली पोल, मातहतों को हिदायत
तीनों अस्पताल पर नहीं है डॉक्टर की तैनाती, बोदरवार के डॉक्टर के पास प्रभार
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के निरीक्षण में पशु अस्पतालों के फार्मासिस्ट ड्यूटी से गायब मिले। यही नहीं तीनों अस्पतालों पर अभिलेख और उपस्थिति पंजिका अधूरी मिली। दवाओं के रख-रखाव में भी गड़बड़ी मिली। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने मातहतों को हिदायत देते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के लिए कहा।
जिले के अनेक गांवों में लंपी बीमारी का प्रकोप अब भी है। बीमार पशुओं के इलाज में लापरवाही और समय से टीकाकरण नहीं करने की शिकायत हर रोज उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही है। शनिवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नेबुआ नौरंगिया पशु अस्पताल पर पहुंचे।
यहां पर पशुधन प्रसार अधिकारी इंद्रजीत तिवारी और परिचारक रामेश्वर चौधरी मिले और डॉक्टर का पद यहां पर रिक्त है। कर्मचारियों ने मौखिक जानकारी दी, लेकिन टीकाकरण और दैनिक पंजिका अधूरी मिली। एक सप्ताह के अंदर इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कप्तानगंज पशु अस्पताल पर बोदरवार पशु अस्पताल के डॉक्टर इंसात आनंद को अटैच किया गया है। यहां पर सिर्फ वेटनरी फार्मासिस्ट की तैनाती है, जो अनुपस्थित थे। यहां पर भी सभी रजिस्टर अधूरे मिले। रामकोला पशु अस्पताल पर पशुधन प्रसार अधिकारी सतीश कुमार और परिचारक जितेंंद्र मिले, लेकिन टीकाकरण और विभागीय जानकारी नहीं दे सके। दोनों कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर रिकाॅर्ड मेंटेन कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। तीनों अस्पताल पर डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। ऐसे में बोदरवार पशु अस्पताल के डॉक्टर इशांत आनंद को तीनों अस्पतालों का प्रभार दिया गया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र प्रसाद ने बताया कि एक फार्मासिस्ट ड्यूटी से गायब थे। इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। बाकी अस्पतालों के रजिस्टर अपूर्ण थे। उसे पूरा करने के निर्देश दिए गए।