फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब खातें में मिलेगा ड्रेस की धनराशि

विज्ञापन
विज्ञापन
अभिभावकों के खाते में आएगी ड्रेस की धनराशि
विज्ञापन

पडरौना (कुशीनगर)। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के गणवेश की रकम अब अभिभावकों के खाते में आएगी। अभिभावक स्वयं अपने पाल्यों के लिए गणवेश खरीद सकेंगे। इसके लिए उनके खाते में 600 रुपये भेजे जाएंगे। विभाग की तरफ से अभिभावकों से बैंक डिटेल समेत अन्य प्रपत्र एकत्र किया जा रहा है।
जिले में 824 जूनियर और 2179 प्राथमिक समेत कुल 3003 परिषदीय विद्यालय हैं। एक ही परिसर में जूनियर और प्राथमिक को संविलयन करने के बाद जिले में स्कूलों की संख्या घटकर 2464 हो गई है। इसमें कक्षा एक से आठवीं तक करीब पौने तीन लाख छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। परिषदीय विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से प्रत्येक वर्ष पाठ्य पुस्तकों के अलावा ड्रेस, जूता, मोजा, बैग आदि वितरित किया जाता है। पाठ्य पुस्तक, जूता, मोजा और बैग की खरीदारी तो शासन स्तर से की जाती थी, लेकिन ड्रेस की खरीदारी अभी तक स्थानीय स्तर पर ही की जाती रही है। इसके लिए विद्यालय को एक विद्यार्थी को दो ड्रेस उपलब्ध कराने के लिए छह सौ रुपये दिए जाते थे। ड्रेस की खरीदारी में गांव के लोग समेत अन्य की तरफ से अक्सर गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर जांच की मांग की जाती रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने इस वर्ष गणवेश के लिए स्कूलों को मिलने वाले छह सौ रुपये अब अभिभावकों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। इससे अभिभावक अपने पाल्यों का मनमाफिक ड्रेस बनवा सकेंगे। अभिभावकों के खाते में गणवेश की धनराशि भेजने के लिए विभाग की तरफ से अभिभावकों का आधार कार्ड और बैंक डिटेल समेत अन्य कागजात एकत्र करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को गणवेश बनवाने के लिए अब उनके अभिभावकों के खाते में ड्रेस की धनराशि भेजी जाएगी। इसके लिए जिले के सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकों को अभिभावकों का बैंक डिटेल समेत अन्य प्रपत्र एकत्र करने के लिए निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें