खड्डा। अंग्रेजों के समय से ही अपना वजूद बनाकर रखने वाले खड्डा कस्बा की अहमियत अंग्रेजों के समय से ही रही है, जब वर्ष 1933 में यहां चीनी मिल की स्थापना की गई थी। वैसे तो खड्डा और खड्डी गांवों को मिलाकर इसे नगर पंचायत का दर्जा मिले 37 वर्ष ही हुए हैं, लेकिन यहां की जनता ने दो बार आधी आबादी पर भी अपना भरोसा जताते हुए महिला अध्यक्ष चुना है। इस बार भी यह सीट पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित होने के कारण चेयरमैन की कुर्सी पर चाहे जो भी बैठे, लेकिन इस पदवी के लिए महिला का ही चुना जाना तय है।
खड्डा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर तीन बार पुरुष तो बार महिलाओं ने भी अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। यह नगर पंचायत पूर्व में नौरंगिया व वर्तमान में खड्डा विधानसभा क्षेत्र का एकमात्र टाउन एरिया है। इस क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य का निर्धारण भी यह कस्बा ही करता है। इसलिए इसके चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भी नजर बनी हुई है।अंग्रेजों के जमाने में भी खड्डा काफी चर्चा में रहा।
पडरौना राज घराने के अधीन रहने वाला यह कस्बा राजा बाजार खड्डा के नाम से प्रसिद्ध रहा और 1933 में यहां उद्योग व किसान हित के लिए चीनी मिल की स्थापना हुई थी। आजादी के बाद भी यह कस्बा बिहार और नेपाल तक अपनी पहचान बना चुका था। इसका रुतबा तब और बढ़ा, जब इसे नगर पंचायत का दर्जा मिला । तत्कालीन देवरिया जनपद व पडरौना तहसील के अंतर्गत आने वाले खड्डा व खड्डी गांव को मिलाकर वर्ष 1980 में टाउन एरिया का दर्जा मिला, लेकिन नौ वर्ष तक चुनाव नहीं हुआ।
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1989 में लगा था ‘एक वोट, एक नोट’ का नारा
1989 में चुनाव हुआ तो अपने प्रचार के लिए एक वोट एक नोट का नारा लगाने वाले दीपलाल भारती पहले अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद 1995 में राजकुमार डालमिया अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वर्ष 2000 में महिला को जनता ने कमान सौंपी और स्नेहलता जायसवाल निर्वाचित हुईं। उसके बाद 2006 में डॉक्टर निलेश मिश्रा निर्वाचित हुए और पिछले चुनाव 2012 में शारदा तुलस्यान निर्वाचित होकर अध्यक्ष पद पर आसीन हुई थीं। 29 नवंबर को होने वाला चुनाव महिला के लिए आरक्षित है।
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12564 मतदाता डालेंगे वोट
यह चुनाव चाहे जो प्रत्याशी जीते, लेकिन कमान तीसरी बार महिला के हाथ में रहेगी। इस बार के निकाय चुनाव में खड्डा नगर पंचायत के 6603 पुरुष व 5961 महिला सहित कुल 12564 मतदाता 29 नवंबर को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। नारायणी (बड़ी गंडक) नदी के समीप बसा खड्डा केवल नगर पंचायत ही नहीं है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहां चीनी मिल, रेलवे स्टेशन, थाना, बैंक, ब्लॉक, तहसील, बाजार, अस्पताल, कॉलेज आदि स्थित है। ऐसे में आस पास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की दिलचस्पी भी इस चुनाव में बनी हुई है।