पडरौना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय ने एससी-एसटी के दो दोषियों को सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों को तीन वर्ष छह माह का कारावास और साढ़े दस-साढ़े दस हजार का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष की तरफ़ से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता महेंद्र गोविंद राव ने बताया कि सेवरही थाना क्षेत्र के गौरी जगदीश लाला टोला निवासी वंशी ने सेवरही पुलिस को 11 फरवरी 1998 को तहरीर दी थी कि उनकी लड़की हिरांती घर में बैठी थी। गांव के गोविंद घर में घुसकर लड्डू मांगने लगे। उनकी लड़की बोली कि घर कोई नहीं है। घर में क्यों घुस आए हैं। आरोपी घर से बाहर निकल कर दरवाजे पर खड़ा हो गया। तब तक गांव के जितेंद्र घर में घुसकर मारपीट करने लगे। तहरीर के आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की। आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष न्यायालय में परीक्षण के बाद मामला सत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विषेश न्यायालय एससी एसटी एक्ट सुनील कुमार यादव ने गोविंद और जितेंद्र को दोषी करार दिया है। उन्हें धारा 323/34 में छह मास का कारावास व पांच-पांच सौ अर्थदंड लगाया, जबकि 452 भारतीय दंड संहिता में तीन वर्ष का कारावास व 10,000 अर्थदंड लगाया है।