कसया। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर में लग रहे आईएलएस सिस्टम (स्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) के निर्माण में दो मकान और शहर के शहीद चौक व सपहा रोड रोड के पास लगे टॉवर रोड़ा बन रहे हैं। इन बाधाओं को दूर करने के बाद ही स्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम इंस्टाल हो सकेगा। उसके बाद ही यहां से उड़ान भरने की रुचि ले रही विमानन कंपनियां उड़ान भरने के लिए हरी झंडी देंगी। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय मानक को पूरा करने के लिए आइएलएस सिस्टम लगाया जा रहा है। जिसके लगने के बाद विमान किसी भी मौसम में लैंडिंग और टेकऑफ सुरक्षित कर सकेगी। इसके लिए लोकलाइजर का काम पूरा हो गया है। केवल ग्लाइड पाथ का कार्य अधूरा पड़ा है। इसको पूरा करने के लिए इसमें आ रहे अवरोध को दूर करने में जिला प्रशासन लगा हुआ है। विमान के लैंडिंग के समय दिशा देने के लिए एयरपोर्ट के पश्चिमी छोर से उड़ान की सभी अवरोध दूर हो चुका है। केवल पूर्वी छोर के टू-नाइन पर दो मकान का रोड़ा बना हुआ है। जब तक या दो मकान नहीं हटेंगे तब तक ग्लाइड पाथ का काम पूरा नहीं हो सकेगा। हालांकि इल दोनों मकानों को हटाने के लिए कोर्ट में लगातार प्रयास चल रहा है। इसके हटने के बाद ही यह आईएलएस सिस्टम पूरी तरह इंस्टाल हो सकेगा। आइएलएस उपकरण के इंस्टालेशन में महत्वपूर्ण कार्य विमान के सेंटर लाइन को इंडिकेट करना वाला लोकलाइजर और इलेक्ट्रिक कार्य शामिल हैं। दूसरे चरण में विमानों को एंगल बताने वाला ग्लाइड पथ का कार्य होना है। ग्लाइड पथ के लोकेशन के निर्धारण करने में दो मकान और शेष दो टावर ही अवरोध बने हुए हैं। इसके हटे बिना यह आइएलएस पूर्ण नहीं हो सकता है। इन अवरोधों की वजह से यहां विमानन कंपनियां उड़ान भरने में रुचि नहीं ले रहीं हैं, लेकिन यह अवरोध दूर होने के साथी ही विमानन कंपनियों का यहां से उड़ान भरने के लिए हरी झंडी मिल सकती है।