महुववा कारखाना गांव में दो लोगों के डेंगू से बीमार होने की जानकारी मिलने पर भड़के लोग रविवार को सड़क पर उतर आए। लोगों ने सांकेतिक प्रदर्शन कर विभागीय प्रशासन को चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू करेंगे।
लोगों का आरोप है की गत वर्ष भी गांव के दो लोग बीमारी की चपेट में आ गये थे। गांव में गंदगी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।
फाजिलनगर ब्लॉक के महुववा कारखाना ग्राम पंचायत की आबादी करीब सात हजार है। गांव में सप्ताह में तीन दिन बाजार भी लगता है।
लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी के बाद भी प्रशासन द्वारा केवल एक सफाईकर्मी की तैनाती की गई है। जबकि छह मजरों से जुड़े इस गांव में छह परिषदीय विद्यालय हैं।
लोगों का आरोप है कि एक तो सफाईकर्मी अक्सर नहीं आता है। आता भी है तो स्कूलों की ही सफाई सही तरीके से नहीं करता है।
गत वर्ष इस गांव में बिराज प्रसाद और मुकेश को डेंगू हो गया था। अब इस साल भोला प्रसाद (50) और नेबू प्रसाद (58) इस बीमारी से पीड़ित हो गए हैं।
जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। लोगों का आरोप है की नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। सड़क पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप के पास गंदगी है। गांव के दिलीप यादव, मनोज तिवारी, लल्लन यादव, कासिम अली और श्रीराम गुप्ता आदि का आरोप है कि विभागीय प्रशासन की अनदेखी के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा कर अनशन करेंगे।
इस संबंध में स्वास्थ अधीक्षक एएन ठाकुर का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग टीम भेजी जाएगी। एडीओ पंचायत परस प्रसाद का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था।
टीम गठित कर सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान चंद्रेश्वर कांदु, प्रदीप यादव, विराज यादव, सुबोध प्रसाद, सुजायत अली, अक्षय तिवारी, अखिलेश आदि मौजूद रहे।