दुदही। दुदही क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस से बच्चों के मरने का सिलसिला नहीं थम रहा है। इससे क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। रविवार को तिवारीपट्टी के पकवाइनार टोला में दो बच्चों की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गयी। वही गांव में छह से अधिक बच्चे बुखार की चपेट में हैं।
इस क्षेत्र में 15 दिनों के अंदर पांच बच्चों की मौत हो चुकी है जबकि कई बीमार हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना हुआ है। विधायक के पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ी और विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर स्वास्थ्य की जांच की।
तिवारीपट्टी गांव के पकवाइनार टोले के दलित बस्ती में महंगू प्रसाद के नौ वर्षीय बेटे को बुधवार को उल्टी के साथ बुखार हुआ। परिवार के लोग सीएचसी दुदही ले गए। जहां डॉक्टरों ने बच्चे को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखकर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
गोरखपुर में डॉक्टरों ने बच्चे को इंसेफेलाइटिस होने की पुष्टि की। वहां इलाज के दौरान शनिवार को रात दस बजे के करीब बच्चे की मौत हो गई। वहीं पड़ोसी राजेश कुमार का छह वर्षीय बेटा दीपक भी शनिवार को बुखार से पीड़ित हो गया। परिवार के लोग कसया के एक निजी अस्पताल ले गए।
जहां के डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज में जांच कराने का सुझाव दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार को शाम को दीपक की मौत हो गई। इसी टोले के नौ बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। वहीं 15 दिन पहले दुदही के चूड़िहारी टोले में एक ही परिवार की दो बच्चियों की मौत हो गई थी और एक बच्ची बीमार है।
एक सप्ताह पहले इसी गांव के गद्दी टोले में भी एक बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं पडरौन मडुरही जिरात में एक 11 वर्षीय बच्चा तीन दिन से बीमार है।
सूचना पर विधायक अजय कुमार लल्लू सोमवार को गांव पहुंचे और गांव में गंदगी देख अधिकारियों से बात करके नाराजगी जताई। उसके बाद गांव में सफाई कर्मचारी पहुंचा और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर एके पांडेय का कहना है कि जानकारी मिली है। दोनों बच्चों की मौत मेडिकल कॉलेज में हुई है। गांव में विभाग की टीम पहुंची है और दवा का छिड़काव कराने के साथ ही लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया है।