पडरौना। पशु तस्करों और पुलिस के बीच शनिवार को सुबह हुई मुठभेड़ हुई। इसमें पुलिस ने दो तस्करों को दबोच लिया। तस्करों की गोली से पुलिस बाल-बाल बच गई। इसमें एक 25 हजार का इनामी गैंगस्टर भी शामिल है। गंभीर रूप से घायल तस्करों का पुलिस अभिरक्षा में इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
मुठभेड़ के दौरान हाईवे से लेकर झरही नदी एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूत्रों की मानें तो पुलिस का एक निजी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। एक तस्कर के खिलाफ बलरामपुर और देवरिया के भाटपाररानी थाने में पशु तस्करी का केस दर्ज है। दोनों मामले में वांछित चल रहा था।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के हाईवे के समीप लबनिया चौराहे पर पुलिस को पशु तस्करी की सूचना मिली। करीब नौ बजे पुलिस ने घेराबंदी की। इस बीच लग्जरी गाड़ी से कसया की ओर से पशु तस्कर आते नजर आए। बैरिकेडिंग देख लग्जरी वाहन में सवार तस्कर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और हाईवे छोड़कर लबनिया-पड़री मार्ग पर झरही तरफ भागने लगे। तीन थाने की पुलिस ने उनका पीछा किया। खुद को घिरता देख पशु तस्कर गाड़ी से उतरकर भागने लगे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों तस्करों के पैर में गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल तस्करों को पुलिस ने फाजिलनगर सीएचसी पर पहुंचाया, हालत गंभीर बताकर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया। झरही नदी की तरफ कुछ देर के लिए आवागमन रोक दिया गया।
उनकी पहचान तमकुहीराज थाना क्षेत्र के सरया खुर्द गांव निवासी परवेज पुत्र वजीर अंसारी और पटहेरवा थाना क्षेत्र ज्वार गांव निवासी आजाद अली के रूप में की। परवेज पर 25 हजार का इनाम है और गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है।
मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी की प्राइवेट चार पहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। पशु तस्करों के कब्जे से एक लग्जरी कार, दो अवैध तमंचा, 1400 रुपये नकद, मुठभेड़ में तमकुहीराज इंस्पेक्टर अमित शर्मा, तरायासुजान इंस्पेक्टर राजप्रकाश सिंह, पटहरेवा थानाध्यक्ष दीपक सिंह अपनी टीम के साथ शामिल रहे।
लाइनर का काम करते थे गिरफ्तार बदमाश
पुलिस के अनुसार यूपी से लेकर बिहार तक मुठभेड़ में दबोचे गए पशु तस्कर लग्जरी गाड़ी से लाइनर का काम करते हैं। इनके पीछे पशुओं से लदे वाहन रहते हैं। पशु तस्कर आजाद अली पर कुशीनगर के अलावा देवरिया के भाटपाररानी थाने और बलरामपुर के तुलसीपुर थाने में पशु तस्करी का केस दर्ज है। दोनों मामले में यह वांछित चल रहा था। देवरिया, गोरखपुर के अलावा आस-पास के जिलों से मालवाहनों से पशुओं को लादकर बिहार तक पहुंचाने में लाइनर का यह काम करते थे। इनका नेटवर्क हाईवे के अलावा देवरिया और गोरखपुर जिले में सक्रिय है।
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