कप्तानगंज। तालाब पट्टे के मामले में दस हजार रुपये रिश्वत लेने वाले रजिस्ट्रार कानूनगो (आरके) और शासन की ओर से नामित मत्स्य प्रतिनिधि को गोरखपुर से आई विजिलेंस टीम ने मंगलवार को गिरफ्तार लिया। लेखपालों ने टीम को घेर लिया और हंगामा करने लगे।
धक्का-मुक्की कर लेखपालों ने आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख मौके पर पहुंचे एसडीएम और कप्तानगंज पुलिस ने लेखपालों को हटाने के बाद विजिलेंस टीम आरोपियों को लेकर थाने पहुंची और कुछ देर रूकने के बाद गोरखपुर लेकर चली गई। मछुआरे की शिकायत पर टीम तहसील में पहुंची थी।
तहसील क्षेत्र में 31 तालाबों का पट्टा हुआ था। इसमें एक तालाब मुजहना गांव निवासी हीरा निषाद को भी मिला था। पट्टे की स्वीकृति देने के लिए रजिस्ट्रार कानूनगो शिव प्रसाद गुप्ता ने 40 हजार रुपये की मांग की थी। इससे कम देने पर पट्टे की स्वीकृति का कागज नहीं देने की बात कही। हीरा निषाद ने सोमवार को विजिलेंस गोरखपुर कार्यालय में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।