बिहार के वाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट की एक मादा तेंदुआ जाल में फंस जाने के कारण तड़प-तड़प कर मर गई। गन्ने के खेत में बिछाए गए जाल में फंस जाने के कारण वह निकल नहीं पाई थी।
बिहार के वाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट के मदनपुर रेंज से भटककर निकट के कांटी गांव की तरफ गन्ने के खेत में गई एक मादा तेंदुआ सोमवार को जाल में फंस गई। फंदे से निकलने की कोशिश में वह और भी जकड़ गई थी। उसका पेट पूरी तरह फंस जाने के कारण वह जाल से खुद को आजाद नहीं कर पा रही थी। गांववालों की सूचना पर दिन में प्रशिक्षु डीएफओ हेमंत पाटिल की अगुवाई में वन अधिकारी गौरव वर्मा, रेंजर आरके सिन्हा और बीके पाठक पहुंचे। उन्होंने तेंदुए को जाल से निकालने का पूरा प्रयास किया, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उसे सुरक्षित बाहर नहीं निकाल पाए और तेंदुए की मौत हो गई।
वाल्मीकिनगर टाइगर प्रोजेक्ट के डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि वन्य जीवों से अपनी फसलों को बचाने के लिए किसी किसान ने फंदा लगा दिया था, इससे तेंदुए फंस गया। उसे बचाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। उनका कहना था कि प्रथम दृष्टया इसमें शिकारियों का हाथ नहीं लग रहा है। जांच की जा रही है। उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।