कसया में संचालित कार्यशाला में खराब पड़े ट्रांसफार्मर।संवाद
पडरौना। जिले में बीते अप्रैल महीने में भीषण गर्मी के साथ बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ा तो उसका असर ट्रांसफाॅर्मरों पर साफ दिखाई दिया। ओवर लोड के कारण करीब 30 दिन में 150 ट्रांसफाॅर्मर फुंके थे।
हालात यह था कि प्रतिदिन औसतन चार से छह ट्रांसफाॅर्मर खराब हो रहे थे। जिससे विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही है। जबकि यह फुंकने का आकड़ा जनवरी महीने में करीब 45 से 46 ट्रांसफार्मर ही रहा।ऐसे में गर्मी बढ़ते ही अप्रैल महीने में फुंकने के मामले बढ़कर तीन गुना तक पहुंच गए।
बीते अप्रैल महीने में जब पारा 40 डिग्री को पार किया तो शहर से देहात तक घरों में पंखे,कूलर,एसी और फ्रिज जैसे उपकरणों को उपयोग बढ़ने से लोड में वृद्धि हो गई। तेज धूप और बढ़े दबाव के चलते ट्रांसफाॅर्मर फुंकते रहे। इससे शहर से लेकर देहात तक अघोषित बिजली कटौती विभाग की तरफ से किया जा रहा था।
आपूर्ति बाधित होने से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा था। लोगों को घरेलू कार्यों में परेशानी उठानी पड़ी।
गौरतलब है कि ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए कसया में वर्कशॉप संचालित है। यहां फुंके ट्रांसफार्मरों को मरम्मत के बाद ठीक कर दोबारा संंबंधित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। हालांकि ट्रांसफार्मरों के जलने के बाद उसे मरम्मत कर बदलने में लगने वाले समय लोगों की मुश्किलें बढ़ा देता है।