पडरौना। प्रशासन की सख्ती के बावजूद यातायात और कोतवाली पुलिस की लापरवाही से शहरवासियों को जाम से निजात नहीं मिल पा रहा है। बुधवार को सुबह करीब 9.20 बजे एक रोडवेज बस चालक को ई-रिक्शा चालकों ने सवारी बैठाने के लिए हाथापाई कर लिया। यह घटना सुभाष चौक पुलिस चौकी के सामने हुआ, लेकिन पुलिसकर्मी या यातायात का कोई सिपाही तक वहां नजर नहीं आया। इसके चलते करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा, इसके अलावा बीच शहर के सड़क के दोनों तरफ पटरियों पर ठेला और खोमचे वालों का कब्जा है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से जाम से निजात दिलाने के लिए पूर्व में कई बार प्रयास किया गया और रणनीति भी बनाई गई, लेकिन बनाए गए प्लान सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया। अभी तक धरातल पर नहीं उतर सका। दोपहर में करीब एक बजे सुभाष चौक पर लगे जाम में मरीज को लेकर एक एंबुलेंस करीब 25 मिनट तक फंसी रही।
रामकोला रोड पर बस स्टैंड है, लेकिन रोडवेज की बसे भी सवारी सड़कों पर ही भरती हैं,आस-पास उसी रंग में डग्गामार वाहन भी यात्रियों को भ्रम में डालकर बस में बैठा लेते हैं। ई रिक्शा चालक भी सड़कों पर सवारी का छीना झपटी करते हैं। कुछ माह पूर्व सुभाष चौक के पास यातायात के एक सिपाही को टेंपो चालकों ने पिटाई कर दिया था। करीब चार माह पूर्व जिला प्रशासन की ओर से सर्वे कराया गया और जाम से निजात के लिए ठेला, खोमचे वालों को हटाने का प्लान तैयार किया गया, इसके लिए तत्कालीन एसडीएम ब्यास नारायण उमराव ने निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट भी भेजा था। वहीं नवागत एसपी केशव कुमार ने जाम से निजात के लिए प्लान तैयार का यातायात व कोतवाली पुलिस को सक्रिय किया।
एसपी के पहल के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही तो कम हुई, लेकिन सुभाष चौक,रामकोला रोड, कठकुईया मोड़ पर टेंपो, ई रिक्शा वालों को अभी तक मकड़जाल नहीं टूटा है। सुबह करीब 8.30 बजे से नहर पुल के पास गार्ड और यातायात पुलिस कर्मी नजर आते हैं, लेकिन सुभाष चौक,रामकोला रोड, छावनी और बेलवा चुंगी पर यातायात पुलिसकर्मियों या गार्ड तैनात नहीं दिखते हैं,हलांकि ड्यूटी शहर के सभी चौक चौराहों पर लगती है, लेकिन आस-पास के दुकानों में बैठकर समय काटते हैं और राहगीरों की जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। पुलिस चौकी के सामने सारकारी बस में सवारी बैठाने को लेकर टेंपो चालकों ने बस चालक को सरेराह धक्का दिया और कालर पकड़ कर धमकाया,करीब बीस मिनट तक बीच सड़क ऐसी दबंगई हुई लेकिन एक पुलिसकर्मी नहीं आए। इसकी वजह से जाम लगा रहा।