बोदवार में शुक्रवार को प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और हियुवा कार्यकर्ताओं, व्यापारियों के बीच नोकझोंक के बाद सड़क जाम करने के मामले में केस दर्ज होने के विरोध में रविवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं और धरना दिया। इस दौरान एसओ ने धरना स्थल पर पहुंचकर आश्वासन दिया। तब जाकर लोग माने और धरना खत्म किया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस ने ट्राली रोककर उसमें लगे साउंड व तार को तोड़ दिया।
पुलिस ने प्रतिमा विसर्जन में शामिल हियुवा के कार्यकर्ताओं और युवकों को मारापीटा भी। इससे नाराज युवकों ने जब मूर्ति विसर्जन से मना किया तो मौके पर कसया सीओ ने पहुंचकर आश्वासन दिया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सीओ के आश्वासन के बावजूद पंद्रह लोगों के खिलाफ नामजद और डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। धरनारत लोगों ने मुकदमे वापस लेने और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरना शुरू होने के करीब दो घंटे बाद मौके पर एसओ जैसराज यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने धरनारत लोगों को आश्वासन दिया कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मामले की जांच की जा रही है। आश्वासन मिलने पर व्यापारियों और हियुवा के कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। धरने में हियुवा के जिला सह संयोजक शेषमणि गोंड, जिला उपाध्यक्ष राजेश साहनी, ब्लाक अध्यक्ष विशाल सिंह सहित काफी संख्या में व्यापारी और कार्यकर्ता शामिल थे।