कसया। महापरिनिर्वाण मंदिर में मंगलवार को श्रीलंका सहित विभिन्न देशों से आए पर्यटकों ने तथागत बुद्ध के दर्शन-पूजन कर चीवर अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, मानव कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह बड़ी संख्या में श्रीलंका के पर्यटक मुख्य मंदिर पहुंचे। श्रीलंका बुद्ध विहार के प्रमुख भंते डॉ. नंद रतन महाथेरो के नेतृत्व में धम्म वंदना का आयोजन किया गया। इसमें भिक्षुओं ने बुद्ध के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए बौद्ध धार्मिक मंत्रों और बुद्ध वंदना का पाठ किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर में स्थापित छठी शताब्दी की शयन मुद्रा वाली तथागत बुद्ध की प्रतिमा पर चीवर अर्पित कर विशेष पूजा किया। पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने महापरिनिर्वाण स्तूप की परिक्रमा की और विश्व शांति तथा मानव कल्याण की मंगलकामना की। पर्यटकों को भंते अशोक ने कुशीनगर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि इसी पावन धरती पर तथागत बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। बुद्ध ने अपने अंतिम उपदेशों के माध्यम से मानवता को शांति, करुणा और मुक्ति का मार्ग दिखाया। उनके बताए धम्म मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है।