बौद्ध सर्किट की हिफाजत के लिए बनेगा टूरिज्म थाना
पडरौना (कुशीनगर)। अंतर्राष्ट्रीय महत्व रखने वाली कुशीनगर स्थित भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली और यहां आने वाले देसी-विदेशी सैलानियों की सुरक्षा के लिए कसया थाना से सिर्फ दो किलोमीटर दूरी पर टूरिज्म थाना बनेगा। ताकि बौद्घ सर्किट के साथ-साथ यहां आने वाले देसी-विदेशी सैलानियों की सुरक्षा हो सके। यहां एक इंस्पेक्टर सहित 50 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
कुशीनगर भगवान बुद्घ की महापरिनिर्वाण स्थली होने की वजह से तिब्बत, वियतनाम, जापान, म्यांमार, चीन, थाईलैंड, वर्मा सहित अनेंक राष्ट्रों से भगवान बुद्ध के अनुयायी यहां आते हैं। इनकी संख्या एक साल में एक लाख से लगायत तीन लाख के बीच होती है। कभी-कभी यहां पर्यटकों के साथ छिनैती, दुर्व्यवहार व अन्य घटनाएं होती रहती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय महत्व का स्थल होने की वजह से इसकी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। बौद्ध सर्किट की हिफाजत के लिए यहां टूरिज्म थाना बनाने की स्वीकृति पर्यटन निदेशालय से मिल गई है। पुलिस और पर्यटन विभाग का कहना है कि वहां से फाइल शासन में गई है। जल्द ही वहां से भी स्वीकृति मिल जाने की उम्मीद है। पुलिस विभाग के मुताबिक बौद्ध सर्किट में आने वाले सभी प्रमुख स्थलों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनकी मदद से आने-जाने वालों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा पेट्रोलिंग के लिए पुलिस के जवानों की तैनाती होगी तथा वहां कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा।
कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए कुशीनगर में टूरिज्म थाना स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। पयर्टन निदेशालय से स्वीकृति मिल चुकी है। अब शासन में फाइल गई है। जल्द ही उसकी स्वीकृति मिल जाने की संभावना है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, पेट्रोलिंग टीम और कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी की जाएगी।
सचिंद्र पटेल, पुलिस अधीक्षक
टूरिज्म थाना के लिए पुलिस विभाग की तरफ से एनओसी के लिए पत्र आया था। जमीन और अन्य औपचारिकताओं के लिए जिला पर्यटन कार्यालय और क्षेत्रीय पयर्टन कार्यालय की तरफ से एनओसी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि कुशीनगर में आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या साल में औसतन एक से तीन लाख के बीच होती है। कालचक्र पूजा, बुद्ध पूर्णिमा, बैसाख पूजा सहित अनेंक अवसर होते हैं, जब यहां आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या हजारों में होती है।
राजेश कुमार भारती, पर्यटन सूचना अधिकोरी