मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के बबुईया हरपुर मसही गांव में चल रहे श्रीराम कथा के चौथे दिन रविवार को कथावाचक ने भगवान शिव विवाह की कथा सुनाई। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथावाचक उद्धव नारायण मिश्र ने कहा कि भगवान शिव ने अपने विवाह के शुभ मुहुर्त आने पर बरात सजाई। शिव बारात एक तरफ जहां सुंदर देवता, गंधर्व और अप्सराएं थीं, तो वहीं, दूसरी ओर भूत-प्रेत, पिशाच और अघोरी शामिल थे। बरात में भगवान शिव नंदी बैल पर सवार थे। शरीर पर मसान की भस्म लगी थी और जटाओं में मां गंगा विराजमान थीं। जब यह अद्भुत और भयानक बरात मैना माता के द्वार पर पहुंची, तो भगवान शिव का स्वरूप देखकर वे मूर्छित हो गईं। मैना माता ने अपनी पुत्री पार्वती का विवाह ऐसे अजीब स्वरूप वाले दूल्हे से करने से मना कर दिया।