गंडक नदी में पानी की मात्रा काफी कम होने के बावजूद लगातार कटान जारी रहने से पिपराघाट गांव के दहारीटोला पर खतरा बढ़ता जा रहा है। एक पखवारे में नदी उपजाऊ जमीन को काटती हुए इस टोले के समीप पहुंच चुकी है। अगर यहां जल्दी बचाव कार्य शुरू नहीं हुए तो दहारी टोला का अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है।
मानसून सत्र में पिपराघाट गांव के लोग गंडक नदी के तेवर से परेशान थे। बरसात खत्म होने के साथ ही नदी का जलस्तर अब बहुत कम हो चुका है, लेकिन कटान अभी भी जारी है। लोगों का कहना है कि दहारी टोला के सामने लगातार हो रहे कटान के चलते अब बमुश्किल 25 मीटर ही दूरी बची है। इस गांव के निवासी पुजारी सिंह, चंद्रबली शर्मा, कैलाश सिंह, रामायन राय, सुरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि अगर प्रशासन की तरफ से जल्दी बचाव कार्य शुरू नहीं कराए गए तो नदी उनके घरों का अस्तित्व ही मिटा देगी।