दुदही। स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र और प्रदेश सरकार जहां हर घर में शौचालय बनवाकर गांवों को साफ-सुथरा रखने की मुहिम में है, वहीं विभागीय नुमाइंदों की मनमानी और लापरवाही इसमें रोड़ा बन रही है। दुदही क्षेत्र का ऐसा ही एक गांव गगलवा है, जहां जिम्मेदारों ने जो शौचालय बनवाए, वे उपयोग से पहले ही ध्वस्त होने लगे हैं और टंकियों के नाम पर कुछ ईंटें रखकर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया है। स्थिति यह है कि जमीन के ऊपर ही एक तह ईंट रखकर ऊपर से ढक्कन रख दिया गया और उसका बजट उतार लिया गया। यह गड़बड़ी डीपीआरओ की जांच में भी उजागर हो चुकी है।
दुदही क्षेत्र के गगलवा गांव में गरीब व जरूरतमंदों के लिए 50 शौचालय आवंटित हुए थे। इसके लिए धन भी आवंटित हो गया। 2482 की आबादी वाले इस गांव में 441 बीपीएल और 114 अंतोदय कार्डधारक हैं। इस गांव में पिछले प्रधान के कार्यकाल में भी 60 से अधिक शौचालय बने हैं। आरोप है कि इस गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान की मिलीभगत से उन लोगों को शौचालय के मद में धन आवंटित किया गया है, जिनके घरों में पहले से शौचालय बने हैं। इसके अलावा अधिकांश अपात्रों को ही शौचालय का लाभ दिया गया है।
इन सबके अलावा गगलवा गांव के निवासी अलीमुहम्मद का शौचालय बिना टंकी बने ही धन का भुगतान कर दिया गया है। वहीं गांव के जयश्री के शौचालय की टंकी के लिए बिना टंकी बनाए ही केवल कुछ ईट रखकर उसके ऊपर ढक्कन लगाकर धन का भुगतान कर दिया गया है। इसके अलावा गांव के मुर्तुजा, मदन, रामनाथ, छोटेलाल का शौचालय निर्माण काफी घटिया किस्म का होने की बात कही जा रही है। मदन, ऐसा का शौचालय पूर्ण होने से पहले ही गिर गया है। कुछ लोगों का तो पुराने शौचालय पर ही धन का भुगतान कर दिया गया है।
इस संबंध में डीपीआरओ राघवेंद्र कुमार द्विवेदी का कहना है कि जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। गगलवा के ग्राम प्रधान को पद से अपदस्त करने की नोटिस भेजी जाएगी। इसके अलावा ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।