आज ही लगा था जनता कर्फ्यू, सड़कों पर था सन्नाटा
पडरौना। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज से ठीक एक साल पहले देश भर में जनता कर्फ्यू लगाया गया था। उस दिन जिन स्थानों पर सन्नाटा था, सोमवार को वहां भीड़ थी। यह बात जरुर है कि न तो जनता कर्फ्यू है और न लॉकडाउन, लेकिन कोरोना महामारी का खतरा एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके लोग इस महामारी के संक्रमण को लेकर सतर्क नहीं हैं।
कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए ही 22 मार्च 2020 को पूरे देश में जनता कर्फ्यू लागू किया गया था। उसके बाद देश की जनता को लॉकडाउन का सामना करना पड़ा था। नतीजा यह था कि पडरौना शहर के सुभाष चौक, तिलक चौक, कठकुइयां मोड़, मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पुल, कसया, हाटा, कप्तानगंज, रामकोला, तमकुहीराज सहित सभी प्रमुख स्थानों पर सन्नाटा छा गया था। कुछ प्रशासन की सख्ती और कुछ लोगों की तरफ से बरती गई सतर्कता के चलते सड़कों पर लोग ही नजर नहीं आते थे।
एक साल बाद भी कोरोना का खतरा टला नहीं है। कोरोना महामारी को लेकर महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, पंजाब सहित कई राज्यों में इस महामारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। यहां तक कि यूपी और कुशीनगर जिले में भी कोरोना के संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। इसके बावजूद लोग इस महामारी को लेकर लापरवाही दिख रहे हैं। सोमवार को पडरौना नगर के सुभाष चौक, तिलक चौक, कठकुइयां मोड़, मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पुलल सहित अन्य स्थानों पर भीड़ लगी रही। किसी को न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल था और न ही मास्क लगाने की फिक्र।
एक नजर कोरोना केस पर
जिले में अब तक हुई कोरोना जांच- 365642
कुल संक्रमित- 5734
कुल ठीक हुए- 5668
कोरोना से मौत- 62
एक्टिव केस- 04
17 मार्च से अब तक संक्रमित मिले- 05