एक्सईएन से मिले गांव वालों ने जेई पर मनमानी का लगाया आरोप
ट्रांसफाॅर्मर चढ़वाने के लिए जरार उपकेंद्र के लाइनमैन लेतेे हैं 800 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। पकहां गांव के लुकपुर टोला में आठ दिनों में चार बार ट्रांसफाॅर्मर जल चुका है। शिकायत लेकर पहुंचे लोगों से एक्सईएन ने ओवरलोड कम करने को कहा, लेकिन ट्रांसफाॅर्मर चढ़ाने के एवज में 800 की वसूली पर उनकी जुबान बंद हो गई। पडरौना डिवीजन से जुड़े करीब 15 गांवों के ट्रांसफाॅर्मर जले पड़े हैं और लोग उपकेंद्रों का चक्कर काट रहे हैं।
जरार बिजली उपकेंद्र से पकहां गांव के लुकपुर टोला को बिजली आपूर्ति होती है। टोले पर लगा 25 केवीए का ट्रांसफॉर्मर बार-बार जल जा रहा है। 28 जून को एक सप्ताह बाद ट्रांसफाॅर्मर लगा जो 30 की रात को जल गया। एक जुलाई को लगा और तीन की रात को जल गया। चार जुलाई की रात को फिर ट्रांसफाॅर्मर जल गया।
अंधेरे के बीच दस दिनों से रात गुजार रहे गांववाले बृहस्पतिवार को पडरौना एक्सईएन कार्यालय पहुंचे। बार-बार ट्रांसफाॅर्मर जलने के सवाल पर एक्सईएन बोले कि ओवरलोड कम करो, समस्या खत्म हो जाएगी। गांव वालों ने कहा कि एक बार ट्रांसफाॅर्मर चढ़ाने के लिए लाइनमैन 800 रुपये लेते हैं, नहीं देने पर आते नहीं हैं। जेई से शिकायत के बाद भी कोई फर्क नहीं पड़ता है।
गांववालों की इन बातों को अनसुना कर एक्सईएन ने शाम तक ट्रांसफाॅर्मर गांव में लगवाने का आश्वासन दिया। गांव के धीरेंद्र यादव, सुधीर, सिकंदर अली, रफीक अहमद ने बताया कि बार-बार ट्रांसफॉर्मर जलने से तंग आ चुके हैं। क्षमता वृद्धि के लिए कई बार जेई से कहा गया, लेकिन कोई सुनता ही नहीं है।
एक्सईएन इंद्रराज यादव ने बताया कि गांव में बिजली की खपत अधिक है और बिल की वसूली कम हो रही है। मनिकौरा और जरार बिजली घरों से जुड़े गांवों के कनेक्शनों की जांच की जाएगी। ट्रांसफाॅर्मर चढ़ाने के लिए एक भी रुपये नहीं लगता है। ट्रांसफाॅर्मर पहुंचाने वाले ठेकेदारों की जिम्मेदारी है कि पोल पर ट्रांसफार्मर चढ़ाए।