कप्तानगंज (कुशीनगर)। नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रहरि (58) ने शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे कोटवा गांव के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी। पुलिस को मृतक के पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला, जिस पर लिखा था कि-बीमारी से तंग आकर जान दे रहा हूं। इसमें परिवार का कोई दोष नहीं है। अशोक की पत्नी उषा सपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कस्बे के वार्ड नंबर 12 मंगल बाजार निवासी पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रहरि शनिवार सुबह करीब 10 बजे पत्नी से कुछ पैसे लेकर कस्बे के चांदनी चौक स्थित अपनी ससुराल जाने की बात कह कर निकले। दोपहर करीब दो बजे बजे उनके छोटे बेटे गौरव के मोबाइल पर पिता के मोबाइल से काॅल आई। कॉल करने वाला एक पुलिसकर्मी था। उसने बताया कि कोटवा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। शव के पास यह मोबाइल मिला है। यह बात सुनते ही गौरव तत्काल किसी अनहोनी की आशंका में मौके पर पहुंच गए। लाश उनके पिता अशोक अग्रहरि की थी। शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। उसने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। कुछ ही देर में वहां भीड़ जुट गई। पुलिस को शव की तलाशी में पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें अशोक अग्रहरि की ओर से लिखा था कि मैं अपनी बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं, इसमें परिवार के सदस्यों का कोई दोष नहीं है। अपनी बीमारी से ऊब चुका हूं।
अशोक के बड़े बेटे सौरव ने बताया कि एक सप्ताह से पिता काफी परेशान थे। भोजन भी लगभग न के बराबर कर रहे थे। कई सालों से वह किडनी, लिवर, शुगर जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। करीब चार साल पहले किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। बार-बार एक ही बात बोल रहे थे, मैं अब ठीक नहीं हा पाऊंगा।
दिल्ली से मोतिहारी को जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस से हुई थी मौत
कप्तानगंज आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक परमेश्वर कुमार ने बताया कि 15568 दिल्ली-मोतिहारी अमृत भारत एक्सप्रेस कप्तानगंज रेलवे स्टेशन से दोपहर 1.20 बजे चली थी। करीब दस मिनट बाद ही कोटवा गांव के पास ट्रेन से एक व्यक्ति के कटने की सूचना मिली। इसके बाद कप्तानगंज पुलिस को सूचना दी गई। एसओ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि मृतक अशोक अग्रहरि के पॉकेट में एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के कारण आत्महत्या की बात लिखी गई थी। कोई तहरीर नहीं मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वर्ष 1995 में कप्तानगंज नगर पंचायत का चेयरमैन चुने गए थे
अशोक ने वर्ष 1995 में अपने बलबूते खेतान परिवार के विजय खेतान को हराकर चेयरमैन का चुनाव जीता था। वर्ष 2000 तक उनका कार्यकाल रहा। पत्नी उषा इस समय सपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष हैं। वर्ष 2023 में चेयरमैन के लिए उन्होंने सपा से टिकट मांगा था लेकिन नहीं मिला। इस पर वह निर्दलीय चुनाव लड़ीं और दूसरे नंबर पर रहीं। अशोक अग्रहरि के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं। बड़े बेटे सौरव की कप्तानगंज कस्बे में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है, जबकि छोटा बेटा गौरव सुप्रीम कोर्ट में वकील है। इन दिनों घर आया हुआ है।