खड्डा। बिहार के टाइगर प्रोजेक्ट के पिपरासी प्रखंड के नयनहां सिसकारी रेता में दो दिनों से बाघ दिखने से सीमावर्ती गांव के लोग दहशत में हैं। इस दौरान बाघ ने दो हिरन, दो सूअर और एक नीलगाय को शिकार बना चुका है।
लोग डर वश जंगल के करीब अपने खेतों की ओर जाना छोड़ दिया है। बाघ के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए तीन टाइगर टेकर्स को विभाग की ओर से लगाया गया है।
मंझरिया प्रखंड के नयनहां सिसकारी गांव के सुरेश मल्लाह, श्याम मुरारी, केदार शाह, सौदागर आदि का कहना है कि बृहस्पतिवार को रेता में खेतों में लोगों ने बाघ को घूमते हुए देखा था।
बाघ की ओर से शिकार बनाए गए दो हिरन, दो जंगली सूअर और एक नीलगाय जंगल के किनारे मरी पड़ी हैं। सीमावर्ती गांव के लोगों का कहना है कि बाघ के डर से लोग अपने खेतों में काम करने नहीं जा रहे हैं। इसके एक पखवारा पूर्व सिरपत नगर और कांटी टोला में भी बाघ दिखा था।
इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है। इस संबंध में मदनपुर रेंजर आनंद कुमार का कहना है कि रेता क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी करने का मामला संज्ञान में है। तीन टाइगर टेकर्स को बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाया गया है।