- बाघ के हमले में चरवाहे ने भागकर बचाई जान, ग्रामीणों के शोर मचाने पर भागा
- बिहार सीमा पर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकला था बाघ
खड्डा (कुशीनगर)। बिहार सीमा स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल से निकले बाघ ने चार बकरियों को मार डाला। बाघ को अपनी तरफ आता देख चरवाहे ने भागकर अपनी जान बचाई। हमले की जानकारी होते ही ग्रामीण जुट गए। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ भागकर जंगल में चला गया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग के अधिकारियों से की गई।
बिहार के सीमावर्ती इलाके में स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल के हिंसक जानवर ग्रामीणों व मवेशियों के लिए खतरा बन गए हैं। रविवार शाम को गोनौली गांव में जंगल से निकले बाघ ने बकरियों के झुंड पर हमला कर दिया। हमले के समय चरवाहा नारायण गुरुंग दोन कैनाल के पास घास चर रही बकरियों को घर लेकर जा रहा था। जंगल से निकले बाघ ने बकरियों पर हमला कर दिया। देखते-देखते चार बकरियों को शिकार बना डाला। हमले से डरे नारायण ने शोर मचाना शुरू किया। ग्रामीण बकरियों पर हमला होता देख दौड़े। ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया तो बाघ वापस जंगल में चला गया। चार बकरियों की मौत होने के बाद नारायण सदमे में है। वहीं गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
इलाके में दहशत, घर से निकलने से कतरा रहे लोग
नारायण के बकरियों पर बाघ ने रिहायशी इलाके में हमला किया था। इससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सहमे नारायण ने बताया कि कल शाम से वह घर से बाहर नहीं निकला है। वहीं गांव के लोग मवेशियों को लेकर चराने के लिए भी सोमवार को नहीं गए। ग्रामीणों ने हिंसक जानवरों के आसानी से रिहायशी इलाके में आ जाने के पीछे वन विभाग के कर्मचारियों की लापवाही का आरोप लगाया है।
कुछ दिन पहले तेंदुए ने किया था बछड़े का शिकार
कुछ दिन पहले खड्डा इलाके में तेंदुआ के आने से दहशत फैली थी। हाल ही में एक बछड़े को मार डाला था। इलाके में लगभग दो माह से इस हिंसक जीव की मौजूदगी बनी हुई है। बताया जाता है कि महराजगंज जनपद के सोहगीबरवा वन्य जीव अभयारण्य के गेड़हरुआ वन क्षेत्र से निकलकर वह हिंसक जानवर खड्डा क्षेत्र में आया होगा। इसके पहले भी गैंडा, तेंदुआ आदि जंगली जानवर क्षेत्र में आकर उत्पात मचाते रहे हैं।
वनकर्मियों को घटनास्थल पर भेजा जा रहा है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। वन विभाग की टीम लोगों को लगातार जागरूक कर रही है।
-डॉ. निशा मणि, सीएफ (संरक्षक), वीटीआर