पडरौना। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से विचाराधीन बंदियों के लिए विशेष लोक अदालत का अयोजन हुआ। इसमें चिह्नित सात मामलों में से तीन का निस्तारण कर दिया गया। शेष चार मामले गंभीर धाराओं में होने के चलते निस्तारित नहीं हो सके।
अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की तरफ से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता सिंह को विशेष लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पत्र दिया गया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया मयंक प्रकाश को विशेष लोक अदालत के लिए नामित कर जिला कारागार देवरिया के चिन्हित कुल सात मामलों को निस्तारित करने के लिए कहा गया। उन्होंने जिला कारागार देवरिया में जाकर बंदियों से मुलाकात कर उनके मामलों के बारे में विस्तार से जानकारी ली और मौके पर तीन मामलों का निस्तारण कर बंदियों को रिहा कर दिया। शेष चार मामले गंभीर धाराओं में होने के नाते उनका निस्तारण नहीं हो सका।