खड्डा। छितौनी बांध के किनारे सिल्ट सफाई के लिए रविवार को दिन में हुए भूमि पूजन के बाद रात में बड़े पैमाने पर बालू खनन की सूचना पर सिंचाई विभाग, तहसील प्रशासन व पुलिस टीम ने छापेमारी की। मौके पर 100 से अधिक गाड़ियां व मशीनें थीं। परंतु कार्रवाई की बजाय सिंचाई विभाग व तहसील प्रशासन के बीच बहस हो गई। सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड डिवीजन के अभियंता इस खनन को बांध की सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे थे। वहीं तहसील प्रशासन इसे सिल्ट सफाई का मामला बता रहा था। इस मामले को लेकर इलाके में खूब चर्चाएं हो रही हैं। गंडक नदी की बाढ़ से सुरक्षा के लिए बने छितौनी बांध के किलोमीटर 5.900 के स्पर बी के पास रविवार की रात में बड़ी संख्या में खनन होने की सूचना सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड डिवीजन के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने डीएम समेत अन्य वरिष्ठ अफसरों को इसकी जानकारी दी। डीएम ने खड्डा के एसडीएम अरविंद कुमार की अगुवाई में खनन अधिकारी, खड्डा पुलिस, राजस्व निरीक्षक तथा बाढ़ खंड के सहायक तथा अवसर अभियंता को मौके पर भेजा। चर्चा है कि वहां उस वक्त 100 से ज्यादे ट्राली-ट्रैक्टर मौजूद थे। परंतु कार्रवाई की बात को लेकर मामला उलझ गया।
बहस इस बात को लेकर था कि भेड़ीहारी गांव निवासी ब्रह्मचारी की काश्तकारी जमीन में जमा सिल्ट सफाई के लिए आदेश हुआ है। रविवार को दिन में इसके लिए बाकायदा भूमि पूजन किया गया। इस दौरान कई अधिकारी भी मौजूद रहे थे। रात में इसी सिल्ट सफाई के आदेश के आधार पर वहां खनन कार्य हो रहा था। परंतु जमीन को लेकर राजस्व प्रशासन व बाढ़ खंड के अफसर सहमत नहीं थे। मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के एसडीओ बीबी मिश्रा का कहना था कि बांध से 600 मीटर बाद ही कोई खनन कार्य हो सकता है, जबकि खनन 100 मीटर के अंदर हो रहा था, जिससे बांध को नुकसान हो सकता है। वहीं राजस्व विभाग का कहना था कि जमीन की पैमाइश के बाद ही इसे रोका जा सकता है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता बी राम का कहना है कि रात में जहां खनन हो रहा था वहां खनन होने से बांध की सुरक्षा को खतरा है। डीएम के आदेश पर एसडीएम के साथ बाढ़ खंड के अभियंता मौके पर गए थे। वहां राजस्व कर्मचारियों ने खनन वाली जगह को गलत बताया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर राजस्व अफसर का व्यवहार बाढ़ खंड के अभियंताओं के प्रति ठीक नहीं था।
रात में हुई छापेमारी व मौके पर बाढ़ खंड के अफसरों से बहस के सवाल पर एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने बताया कि मामला सिल्ट सफाई से संबंधित था। इसकी जांच हुए बिना कार्रवाई का कोई मतलब नहीं है। मौके पर किसी अफसर से बहस या दुर्व्यवहार जैसी बात गलत है। पूरे प्रकरण की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को भी है।