कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की फिर जगी उम्मीद
गुरवलिया बाजार(कुशीनगर)। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के बभनौली स्थित गेंदा सिंह गन्ना अनुसंधान केंद्र के बगल में कृषि विश्वविद्यालय स्थापित कराने का सपना दो दशक बाद भी पूरा नहीं हो सका। जबकि इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा चुका है। पूर्व मंत्री बाबू गेंदा सिंह इस अनुसंधान केंद्र के बगल में ही कृषि विश्वविद्यालय खोले जाने के पक्षधर थे। क्षेत्रीय विधायक की तरफ से मुख्यमंत्री को इसके लिए पत्र लिखे जाने के बाद उम्मीद फिर जग गई है।
कृषि क्षेत्र में शोध कराने वाला गेंदा सिंह गन्ना अनुसंधान केंद्र पूर्वांचल का अकेला ऐसा शोध संस्थान है जहां 90 के दशक से अलग-अलग राज्य से विद्यार्थी कृषि की तकनीक जानने आते हैं। यह शोध संस्थान तब एशिया स्तर पर विख्यात था। पूर्व मंत्री गेंदा सिंह का सपना इस अनुसंधान केंद्र को विश्वविद्यालय बनाने का था। जगह व जमीन की उपलब्धता के मानक को पूरा करने के बाद भी वह पूरा नहीं हो पाया। बीते सप्ताह क्षेत्रीय विधायक डॉ. असीम राय ने सीएम को पत्र सौंपकर यहां कृषि विश्वविद्यालय खोलने की मांग की तो एक बार फिर इसे लेकर लोगों में उम्मीद जगने लगी है।
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कृषि विश्वविद्यालय के लिए जिले से लेकर मंडल स्तर और बिहार के गोपालगंज जिले में भी हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों से सहमति बनवाई गई थी। इसके लिए पीएम, सीएम और कृषि मंत्री से मांग की जा चुकी है।
मनोज सिंह, कांग्रेस नेता
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कृषि को बढ़ावा देने तथा युवाओं को इससे जोड़ने में कृषि विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसकी मांग लंबे अरसे से हो रही है। विधायक के हस्तक्षेप से यह मुद्दा फिर से जीवंत हो गया है।
हरिगोविंद मिश्रा, प्रगतिशील किसान
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कोट
तमकुही क्षेत्र में हर युवा, गरीब, वंचित को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। स्नातक, परास्नातक, मत्स्य, वन से संबंधित पढ़ाई में उच्च शिक्षा पाने के लिए युवाओं को भटकना न पड़े, इसके लिए गेंदा सिंह रिसर्च सेंटर के पास की निष्प्रयोज्य पड़ी भूमि पर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग मुख्यमंत्री से मिलकर किया हूं। सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं। जल्द सपना साकार होगा।
डॉ. असीम कुमार, विधायक तमकुहीराज