कथा व्यास वीरेंद्र तिवारी ने शनिवार को कहा कि पापी के घर मानस कथा नहीं होती है। क्योंकि ऐसे लोगों के घर संत नहीं जाते हैं। गुरु की कृपा से व्यक्ति सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाता है।
वह बुद्ध इंटर कॉलेज कुशीनगर में नैतिक सत्संग मंच की ओर से आयोजित 36वें मानस सम्मेलन के समापन पर प्रवचन सुना रहे थे। उन्होंने शनिवार को धनुष यज्ञ एवं राम विवाह का मनोरम वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर का अवतार व्यभिचारी, अनाचारी और अत्याचारी के नाश के लिए होता है। गो हत्या और भ्रूण हत्या समाज के लिए कलंक हैं। धनुष यज्ञ की कथा सुनाते कहा कि धनुष घमंड का प्रतीक है। भगवान के स्मरण से व्यक्ति का घमंड खत्म हो जाता है। दहेज प्रथा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि दशरथ ने जनक से कोई दहेज नहीं मांगा। समाज में दहेज रूपी दानव का नाश होना बहुत जरुरी है।
इस अवसर पर रजनीकांत मणि त्रिपाठी, शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, प्रधानाचार्य डॉ. रीतेश कुमार चौधरी, उमेश उपाध्याय, यशवंत, अनिल दुबे, सुरेश प्रसाद गुप्त, श्रीकांत कुशवाहा, महेंद्र पांडेय, राजेश राय सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।