पडरौना। गायत्री मंदिर नहर पुल से सेवरही बनरहा मोड़ तक जाने वाली नहर की पटरी बाईपास सड़क के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। इंटर स्टेट कनेक्टिविटी योजना के तहत 77.65 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क के निर्माण के लिए 27.18 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी शासन ने जारी कर दी।
25 किमी लंबाई वाले इस सड़क के निर्माण के बाद लोगों को जाम की समस्याओं का सामना नहीं कर पड़ेगा। इससे पडरौना से सेवरही की दूरी भी करीब दस किमी तक कम हो जाएगी। इस सड़क पर आसानी से पडरौना से सेवरही और बिहार के गोपालगंज तक फर्राटा भर सकेंगे। जबकि, यही नहर की पटरी गायत्री से आगे मिश्रौली नहर पुल के रास्ते जिले पूर्वी छोर के लोगों को नेपाल से भी जोड़ेगी। पडरौना से नेपाल के झुलनीपुर तक करीब 70 किलोमीटर टू लेन की सड़क पहले ही बन चुकी है। जबकि, सेवरही के बनरहा मोड़ से गोपालगंज की सीमा तक करीब 15 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराने की स्वीकृति मिलने के साथ निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। सिर्फ पडरौना के पश्चिमी गंडक नहर से बनरहा मोड़ तक करीब 25 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य अधूरा था।
इसको गंभीरता से लेते हुए सदर विधायक मनीष जायसवाल ने सदन में चर्चा कर इंटर स्टेट कनेक्टिविटी योजना के तहत अधूरे सड़क निर्माण के लिए पहल की थी। उनकी पहल पर लोक निर्माण विभाग मंत्री ने इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति दे दी है। इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पडरौना से सेवरही की दूरी करीब 10 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
क्योंकि, पडरौना से दुदही के रास्ते सेवरही जाने पर लोगों को 35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। जबकि, गंडक नहर की पटरी टू लेन बन जाने के बाद यह दूरी घटकर 25 किलोमीटर हो जाएगी। इसके अलावा इस सड़क के किनारे बसे दर्जनों गांवों का भी तेजी से विकास हो सकेगा। इस सड़क के निर्माण के लिए 77 करोड़ 65 लाख 80 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। 12 दिसंबर को जारी पत्र के अनुसार, लागत की पहली किस्त 27.18 करोड़ रुपये जारी कर दी गई है। ि