खैरखुटा, मदरही और नोनिया पट्टी गांव हुए प्रभावित, कटान से बचाव के लिए चार दिनों से तटबंध पर मुस्तैद हैं जिम्मेदार
तमकुहीरोड। नारायणी नदी का जलस्तर कम होने के चलते पानी सीधे बहने के बजाय किनारों के पास पीछे की तरफ घूमकर नीचे से मिट्टी कट रहा है। इससे अहिरौलीदान में एपी बांध तटबंध किनारे खैरखुटा, मदरही व नोनिया पट्टी गांवों में कटान का खतरा बरकरार है। हालांकि बाढ़ खंड की ओर से बैक रोलिंग के खतरे को कम करने के लिए कटान रोधी कार्य जारी है। मौजूदा समय में कटान की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
बुधवार को नदी में जलस्तर कम होने के चलते जलप्रवाह की रफ्तार कुछ कमजोर होती दिखाई दी लेकिन बैक रोलिंग के चलते कटान का खतरा बना रहा। तटबंध के किनारे रहने वाले लोगों का कहना था कि अगर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होता तो स्थिति बेकाबू हो जाती। अहिरौली दान का खैरखुटा गांव में कई दिनों से कटान हो रहा है। गांव के भगवान पासवान, रामपूजन पासवान, बली सिंह, हीरा शर्मा, रमाशंकर सिंह ,उमेश सिंह, सुग्रीव सिंह, रामनाथ शर्मा के पक्के व कच्चे घर कटान की जद में हैं।
इसके अलावा नोनिया पट्टी और मदरही में लगभग एक सौ मीटर हिस्से में एपी बांध के किनारे कटान शुरू होने की सूचना पाकर मंगलवार रात में अधीक्षण अभियंता केपी सिंह और अधिशासी अभियंता महेश कुमार सिंह तटबंध के किनारे अपनी निगरानी बढ़ा दी और देर रात तक बचाव कार्य चलता रहा। वहीं बचाव कार्य का जायजा जेई रमेश धर दूबे, सुनील यादव, अमर श्रीवास्तव,अभिजित सिंह,अजीत सिंह तटबंध की निगरानी में जुटे रहे।
वर्जन
तटबंध के किनारे हो रहे कटान में कुछ कमी आई है। कटान से बचाव के लिए लगातार काम जारी है। खतरे को देखते हुए तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी की जा रही है।
- विकास सिंह, मुख्य अभियंता बाढ़ खंड, गोरखुपर
बिजली आपूर्ति हुई बहाल, लोगों को मिली राहत
तमकुहीरोड। क्षेत्र के जवही दयाल में 28 सितंबर को एपी तटबंध टूटने के बाद अहिरौलीदान के सभी टोलों में बिजली गुल हो गई थी। तभी से गांव के लोग अंधरे में जिंदगी गुजार रहे थे। बाढ़ के पानी में कई जगहों पर बिजली के खंभों के टूट जाने के चलते गांव में आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। मंगलवार को विद्युत कर्मियों ने गांव में पानी कम होने के बाद टूटे हुए खंभों को सही कर बिजली आपूर्ति चालू कर दी।इससे लोगों को राहत मिल गया। हालांकि गांव के लोग बिजली आपूर्ति नहीं होने के दौरान मोबाइल व टॉर्च की रोशनी में किसी तरह से काम चला रहे थे। गांव के जेके सिंह,हीरालाल यादव, प्रदीप गोड़, पप्पू सिंह, अरविंद सिंह पटेल ने कहा कि बिजली आपूर्ति होने से उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है। संवाद