सपहा में यात्रा का स्वागत करते लोग। संवाद
गुरवलिया बाजार/तुर्कपट्टी। पूर्वांचल महोत्सव की ओर से आयोजित तृतीय सूर्य मूर्ति प्राकट्य उत्सव के अवसर पर गुरुवार को तुर्कपट्टी महुअवां स्थित सूर्य मंदिर में स्थापित सूर्य मूर्ति का 151 नदियों के जल से जलाभिषेक किया गया। इसके बाद हवन-पूजन और महाभंडारे के साथ पूर्णाहुति हुआ। आचार्य प्रद्युम्न पांडेय, श्रीप्रकाश पांडेय, शैलेष पांडेय, प्रवीण पाण्डेय एवं हर्ष दूबे के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, अनंतानंद सरस्वती, महंथ गोपाल दास, शिवांशु जी, त्रिभुवन शरण दास, भदन्त महेंद्र महाथेरो व अन्य अतिथियों द्वारा मंदिर में स्थापित भगवान सूर्य की प्रतिमा का नदियों के पवित्र जल से जलाभिषेक किया गया। इसके बाद हवन-पूजन किया गया। प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सनातन के ध्वज के नीचे सबको सुख मिलता है। सनातन संस्कृति के संवर्द्धन के साथ ही इस देश को पुनः धर्म गुरू के पद पर पहुंचाएगा। भारतीय संस्कार और संस्कृति के संवर्धन के लिए हम सबको एक साथ खड़ा होना पड़ेगा। जब हमारे पास कुछ नहीं था तब हम अद्भुत कलाकृतियों से परिपूर्ण थे। संस्कृति के ध्वजवाहक मठो और मंदिरों का निर्माण किया था, परंतु आज हम उन मन्दिरों को सुरक्षित नहीं रख पा रहे। इस दौरान सभी संतों ने संयुक्त रूप से महापरिनिर्वाण मंदिर के साथ-साथ तुर्कपट्टी सूर्य मंदिर, कुबेरस्थान मंदिर और खंहवार मंदिर के विकास की बात की। स्वामी अनंतानंद सरस्वती, चंद्रांशु जी, नपपा कुशीनगर अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल, प्रियेश त्रिपाठी, शैलेंद्र दत्त शुक्ला आदि ने भी संबोधित किया। इसके पूर्व लखनऊ के हनुमान मंदिर से वाराणसी से होते हुए आ रहे कलश यात्रा में 2101 कन्याएं कलश लेकर शामिल हुईं। कार्यक्रम के आयोजक विनय राय ने सभी के प्रति आभार जताया। सुधीर शाही, नारायणी शाही, कस्तूरचंद, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, पुनीत पाण्डेय, शैलेंद्र सिंह, मस्तराज सिंह, आदित्य राय आदि मौजूद थे।