संवाद न्यूज एजेंसी
दुदही (कुशीनगर)। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुरपट्टी में शनिवार को अध्यापक की लापरवाही सामने आई है। दोपहर 2 बजे छुट्टी के बाद कक्षा तीन की छात्रा को अध्यापक कक्ष में ताला बंद कर चले गए। करीब एक घंटे बाद भी बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजन खोजने के निकले। विद्यालय के पास पहुंचे। वहां विद्यालय से बच्ची की रोने की आवाज सुनाई दी। वहां बच्ची कक्षा में बंद थी और चिल्ला- चिल्लाकर रो रही थी। परिजनों ने अध्यापक को सूचना दी। अध्यापक ने रसोइया को भेजकर ताला खोलवाया और बच्ची को कक्ष से बाहर निकला।
दुदही विकास खंड के रामपुरपट्टी निवासी मुसरफ अंसारी की छह वर्ष की बेटी गुलबसा गांव के प्राथमिक विद्यालय कक्षा एक में पढ़ती है। शनिवार को गुलबसा पढ़ने विद्यालय गई थी। दोपहर 2 बजे विद्यालय में छुट्टी के बाद सभी बच्चे घर चले गए, लेकिन 3 बजे तक गुलबसा घर नहीं पहुंची। इसके बाद परिजनों को अनहोनी की चिंता सताने लगी। परिजन बच्ची को खोजते हुए विद्यालय पहुंचे।
वहां विद्यालय से बच्ची के चिल्ला-चिल्लाकर रोने की आवाज सुनाई दी। परिजन विद्यालय पहुंचे। बच्ची की विद्यालय में बंद होने की सूचना पर काफी लोग पहुंच गए। फिर परिजनों ने इसकी सूचना प्रधानाध्यापक रमाशंकर सिंह यादव को दी।
उन्होंने रसोइया को भेजकर ताला खोलवाया। उसके बाद करीब 3:30 बजे बच्ची बाहर निकाली। बच्ची काफी डरी हुई थी। लोगों ने बताया कि छह माह पहले भी एक बच्ची को विद्यालय में बंद कर अध्यापक चले गए थे। कुछ देर बाद बाहर निकाला गया था।
प्रधानाध्यापक रमाशंकर सिंह यादव का कहना है कि मैं सुबह 11 बजे विद्यालय से वापस चला आया हूं। क्योंकि हमारे बच्चे को डेंगू की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिर भी जानकारी होने पर 25 मिनट में बच्ची को बाहर निकलवा दिया गया। बच्ची अक्सर विद्यालय में डेस्क पर ही सो जाती है। आज भी डेस्क के बीच में सो गई थी। अंधेरा होने के चलते दिखाई नहीं दे सकी। खण्ड शिक्षाधिकारी देवमुनि वर्मा का कहना है कि जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।