परसिया में महायज्ञ में आए पूर्व सांसद विनय शंकर तिवारी और महंत दीपकनाथ।स्रोत-सोशल मीडिया
सुकरौली। क्षेत्र के परसिया स्थित भवानी शंकर मंदिर परिसर में रुद्र महायज्ञ के मौके पर रविवार को कथा वाचक ने भगवान श्रीराम के वन गमन की कथा सुनाई। वहीं शनिवार की रात आयोजित रामलीला में कलाकारों ने भरत-राम मिलन व सीता हरण की कथा का मंचन किया।
कथा वाचक प्रमोद ने कहा कि पिता का स्थान भगवान के बराबर होता है। पिता को व्यक्ति को जीवन दाता कहा जाता है। इसलिए पिता की इच्छा को पूरा करना प्रत्येक पुत्र का कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा त्याग और समर्पण की कथा है। कथा लोगों को पिता का पुत्र के, माता के पुत्र, भाई का भाई के और पत्नी का पति के प्रति कर्तव्य और समर्पण का संदेश देता है। उन्होंने अयोध्या के राजा दशरथ के देहावसान और श्रीराम के वनगमन की कथा विस्तार से सुनाई। कथा का शुभारंभ पूर्व सांसद विनय शंकर तिवारी ने व्यास पीठ का पूजन कर किया। वहीं शनिवार की रात रामलीला कलाकारों ने भरत मिलाप और सीता हरण की कथा मंचन किया।
इस दौरान उमेश तिवारी, उपेंद्र तिवारी, सुनील मणि, अरविंद्र त्रिपाठी, सौरभ त्रिपाठी, आचमन, नमन, रामकृपाल आदि मौजूद रहे।