पडरौना। बुजुर्ग दंपती को सरकारी अभिलेखों में मृत दर्ज करने वाले सचिव को डीडीओ ने मंगलवार को निलंबित कर दिया। कप्तानगंज ब्लॉक से संबद्ध कर कप्तानगंज के बीडीओ को जांच का आदेश दिया है। प्रथम दृष्ट्या पता चला है कि गंवई राजनीति में एक पक्ष से प्रभावित होकर सचिव ने ऐसा किया था। हालांकि, बिना जांच रिपोर्ट आए जिम्मेदार कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
जिला विकास अधिकारी कल्पना मिश्रा ने बताया कि खड्डा के सोहरौना गांव के निवासी जगदीश और उनकी पत्नी ध्रुवपति देवी को सरकारी अभिलेख में मृत दिखाकर पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया। जानकारी होने पर पीड़ित ने शिकायत की। ग्राम विकास अधिकारी धर्मेंद्र यादव को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। डीडीओ ने बताया कि वार्षिक सत्यापन में जीवित पात्र पेंशनर को मृतक अंकित कर पेंशन योजना से वंचित करना सरकारी कार्य में लापरवाही है। निलंबन अवधि में धर्मेंद्र यादव को जीवन निर्वाह भत्ते के रूप में आधा वेतन देय होगा। उन्होंने बताया कि निलंबित धर्मेंद्र इस आशय का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि वे किसी अन्य सेवा, व्यापार वृत्ति या व्यवसाय में नहीं लगे हैं। कप्तानगंज ब्लॉक से संबद्ध करते हुए प्रकरण की जांच के लिए कप्तानगंज बीडीओ को जिम्मेदारी दी गई है। जो अधिकतम 15 दिन के भीतर इस प्रकरण में आरोप-पत्र कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे।