पडरौना। बेसिक व माध्यमिक स्कूलों में बुधवार को नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हुआ। आकर्षक ढंग से सजाए गए स्कूलों मेें विद्यार्थियों को तिलक लगाकर और उन पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी। इसके बाद उत्सवी माहौल में स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की गई।
जिले में 2464 परिषदीय, 54 वित्तपोषित जूनियर, 22 राजकीय और 55 वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। बुधवार को बच्चों को नई कक्षाओं में प्रवेश दिलाया गया। उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया। कई विद्यालयों में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर माहौल को उत्सवमय बनाया गया।
इस दौरान विद्यालय की तरफ से स्कूल चलो अभियान के तहत जागरूकता रैलियां निकाली गईं। शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया और बच्चों का नामांकन कराने की अपील की। रैली के दौरान सब पढ़ें, सब बढ़ें व हर बच्चा स्कूल जाए जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पडरौना बीईओ ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल चलो अभियान की प्रगति की जानकारी ली और स्वयं भी रैली में शामिल होकर लोगों को जागरूक किया।
बीईओ सुरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने शिक्षकों को नामांकन बढ़ाने व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की इस पहल से न केवल नामांकन में वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि बच्चों में विद्यालय के प्रति आकर्षण भी बढ़ा है। वहीं अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के स्वागत से बच्चों का मन पढ़ाई की ओर और अधिक आकर्षित होता है।
उजारनाथ संवाद के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय में जागरूकता रैली निकाली गई। ग्रामीणों को अपने बच्चों का नामांकन कराकर नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। प्रधानाध्यापक रेखा पाल ने कहा कि बच्चों की शिक्षा में मां की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। जहां पिता आर्थिक जिम्मेदारी निभाते हैं, वहीं मां का कर्तव्य है कि वह बच्चों को समय से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करे। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों का प्रवेश परिषदीय विद्यालयों में कराने की अपील की। इस दौरान जयहिंद गोंड़, संतोष कुशवाहा, जेजे पाल आदि मौजूद रहे।
कसया संवाद के अनुसार, कंपोजिट विद्यालय में चंदन लगाकर विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। पुष्प-अक्षत से उनका अभिनंदन किया गया। अगली कक्षा में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी काफी उत्साहित और रोमांचित नजर आए। शिक्षकों ने बच्चों को उनकी नई कक्षाओं में व्यवस्थित रूप से बैठाया और उन्हें विद्यालय के नियमों, अनुशासन और शैक्षिक वातावरण से परिचित कराया। प्रधानाध्यापक भगवंत कुमार सिंह ने कहा कि सत्र का पहला दिन विद्यार्थियों के लिए न केवल यादगार रहा, बल्कि उनके भीतर नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ। इस दौरान शिक्षक पयोद कांत मिश्र, धर्मेंद्र सिंह, रश्मि सिंह, निशू, सोनी कुमारी, अजय गुप्ता, संगीता यादव, वंदना पांडेय,वंदना तिवारी आदि मौजूद रहे।
इसी तरह कसया बीआरसी परिसर से शहर में जागरूकता रैली निकाली गई। बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में योग्य शिक्षक होने के साथ शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने के लिए कई संसाधन उपलब्ध हैं। इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों का नामांकन सरकारी विद्यालयों में कराना चाहिए।
इस दौरान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन अर्चना, प्रधानाध्यापक भगवत कुमार सिंह, पप्पूकांत मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, नीतू विश्वकर्मा, रजनी सिंह गौतम, अंजना, जितेंद्र कुमार रावत, विजय कुमार गुप्ता, रवि प्रकाश गुप्ता, वैद्य मणि त्रिपाठी, इंद्रदेव असरी, मनोज चौहान, जयप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।