पडरौना। जनपद के दौरे पर आए मुख्य सचिव ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में सबसे पहले जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें तीन विधायकों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खडे़े किए। कहा कि प्रशासन शिकायतों और सुझावों को नहीं मान रहा है। इसके कारण पार्टी के कार्यकर्ता निराश है। जबकि कार्यकर्ताओं के बदौलत ही सरकार बनी है। हालांकि एक विधायक ने डीएम के कार्यों की प्रशंसा कर प्रशासन को कुछ हद तक राहत दी। वही एक अन्य विधायक ने राशनकार्ड में गड़बड़ी का आरोप लगाकर प्रशासन को घेरा।
बैठक में खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी और कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने जिला प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। विधायकों ने बताया कि प्रशासन उनकी शिकायतों और सुझावों को अनसुना कर दे रहा है। इससे भाजपा के नेता और कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। रामकोला के विधायक रामानंद बौद्ध ने डीएम के कार्यों की प्रशंसा की। उनका कहना था कि मौजूदा डीएम के समय में उनका या उनके कार्यकर्ताओं का कोई काम बाधित नहीं हो रहा है।
हाटा के विधायक पवन केडिया ने राशनकार्ड में गड़बड़ी की शिकायत के बहाने प्रशासन पर उंगली उठाई। कहा कि राशनकार्ड बनाने के नाम पर लोगों से न केवल धनउगाही की जा रही है, बल्कि बेवजह परेशान भी किया जा रहा है। इसकी शिकायत भी नहीं सुनी जा रही हैं। इससे भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार की छवि खराब हो रही हैं। फाजिलनगर के विधायक गंगा सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनके क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र स्थापित होना है, लेकिन इसमें जानबूझकर देरी की जा रही है। इसकी शिकायत करने के बावजूद अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद मारकंडेय शाही ने जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किए जाने की मांग की। साथ ही पिछले चार वर्षों से जिला अस्पताल में बेकार पड़ी सिटी स्कैन मशीन को चालू कराने का भी आग्रह किया।