पडरौना। मौनी अमावस्या के अवसर पर छितौनी-बगहां रेल पुल के समीप स्थित पनियहवा घाट पर प्रारंभ हुए सामाजिक कुंभ मेला में बुधवार को भक्ति आंदोलन मंच व श्री केशरी नंदन अध्यात्मिक चेतना न्यास से जुड़े संतों ने गंडक नदी में शाही स्नान कर सामाजिक कुंभ के परंपरा की नींव रखी। इस मेले के दूसरे दिन भी श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान संत सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। इसी के साथ मेले में आने वाले श्रद्घालुओं का तांता लग गया।
बुधवार को प्रात: शाही स्नान से पहले संतों ने मोक्ष दायिनी गंडक (नारायणी) नदी की महाआरती की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हर हर गंगे नमो नारायणी के जयकारे व शंख ध्वनि के बीच संतों ने नारायणी नदी में डुबकी लगाई। धार्मिक मूल्यों की स्थापना और सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का संतों और श्रद्घालुओं ने संकल्प लिया। यहां पहुंचे हुए साधु-संतों, धर्माचार्यों व सामाजिक संगठनों लोगों ने नारायणी को गंगा की तरह ही पवित्र व मोक्षदायिनी बताया।