पडरौना। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गौरी श्रीराम एएनएम सेंटर पर 15 अक्तूबर को हुए विवाद में जेल भेजे जाने और रिहा होने के बाद आरोपी फार्मासिस्ट को सीएमओ ने निलंबित करते हुए तमकुहीराज सीएचसी से संबद्ध कर दिया है। नोडल अधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर फार्मासिस्ट और एएनएम की भूमिका की जांच कराई जा रही है। जांच टीम फार्मासिस्ट और एएनएम के कनेक्शन की जांच करेगी।
जून में फार्मासिस्ट अशोक यादव का गैर जनपद लखीमपुर खीरी के लिए तबादला कर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि तबादले को रोकवाने के लिए फार्मासिस्ट ने सत्ताधारी दल के कई नेताओं से संपर्क किया था और बाद में एडी हेल्थ से मुलाकात कर तर्क दिया था कि उसके सेवानिवृत्त होने का समय नजदीक है। ऐसे में उसे कुशीनगर में ही बने रहने दिया जाए। फार्मासिस्ट अशोक यादव का तबादला रुक गया था। 15 अक्तूबर को ही सीएमओ ऑफिस को स्थानांतरण पर रोक लगाने से संबंधित एक पत्र मिला था।
लेकिन, उसके अगले दिन ही फार्मासिस्ट अशोक यादव को थाने में हिरासत में लिए जाने और शाम को छेड़खानी तथा मारपीट के मामले में जेल भेजे जाने की जानकारी मिली। चार दिनों तक जेल में रहने के बाद रिहा होकर आए फार्मासिस्ट ने सीएमओ कार्यालय को पत्र लिखकर जेल से छूट जाने की जानकारी भी दी थी। इधर, संदेह के आधार पर सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने देवरिया जिला कारागार के जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर फार्मासिस्ट के बारे में सूचना मांगी। जवाब में पता चला कि फार्मासिस्ट ने 48 घंटे से अधिक जेल में रहा है। इसके बाद सीएमओ ने मंगलवार की शाम फार्मासिस्ट अशोक यादव को निलंबित करते हुए उसे तमकुहीराज सीएचसी से संबद्ध कर दिया था। इस मामले में गठित की गई जांच टीम अब फार्मासिस्ट और एएनएम की भूमिका की जांच करेगी।
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फार्मासिस्ट अशोक यादव की प्रकरण की जांच के लिए नोडल अधिकारी डॉ. आरडी कुशवाहा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उनके नेतृत्व में ही टीम जांच कर रही है। कुछ गोपनीय तरीके से भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ