पडरौना। कोटेदारों के खिलाफ सोमवार को जिले के कई हिस्सों से कार्डधारक जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्हाेंने अपने गांव के कोटेदारों पर राशन वितरण में मनमानी सहित कई आरोप लगाते हुए डीएम और डीएसओ को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
कसया क्षेत्र के मधवापुर गांव के अशोक प्रसाद, अविनाश प्रसाद, रवि प्रसाद, सुनील, गुड्डू, अनुज पटेल, विश्वमित्र, आशिक, शैल देवी सहित कई लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम कार्यालय के समक्ष नारेबाजी करने लगे।
इनका आरोप था कि गांव का कोटेदार राशन वितरण में घटतौली करता है। अपात्र व्यक्तियों के नाम से राशनकार्ड बनवा दिया है, जबकि जरुरतमंद लोग राशनकार्ड के लिए भटक रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि कोटेदार निर्धारित दर पर मानक के अनुरूप राशन और अन्य सामग्रियां वितरित नहीं करता है। इन लोगों ने प्रकरण की जांच कराकर कोटे की दुकान निरस्त करने की मांग की।
पडरौना क्षेत्र के जंगल खिरकिया गांव के निवासी कृष्ण प्रसाद, राजेश पासवान, नंदलाल साहनी, रामनाथ सैनी, श्रीनिवास पटेल, वाहिद अंसारी, केश्वर साहनी, संतोष यादव, इब्राहिम अंसारी, ओमप्रकाश पटेल ने भी अपना हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन डीएम को सौंपा। इन लोगों का कहना था कि गांव के कोटेदार वासुदेव गुप्ता का सात जून को निधन हो गया।
उन्हाेंने जून माह के राशन का उठान कर लिया था, जिसका वितरण उनके परिवार के लोग कर रहे हैं। इन लोगों ने जुलाई माह से कोटे की दुकान किसी अन्य दुकान से संबद्ध करते हुए नए कोटेदार का चयन किए जाने की मांग की। पडरौना क्षेत्र के जंगल नाहरछपरा गांव के लोगों ने भी सोमवार को डीएम को ज्ञापन सौंपा।
शिकायतकर्ताओं का कहना था कि पहले इनका अंत्योदय कार्ड था। लेकिन नए राशनकार्ड बनने के बाद इंटरनेट पर अपलोड कराई गई अंत्योदय कार्डधारकों की सूची में इन लोगों का नाम हटाकर किसी अन्य का नाम जोड़ दिया गया है, जिससे ये लोग सुविधा से वंचित हो गए हैं। इन लोगों ने जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई तथा अंत्योदय कार्डधारकों की सूची में नाम शामिल कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में अरविंद कुशवाहा, उदय प्रताप, विजेंद्र कुमार, सतीश, जवाहिर, नाथू, विजयी, मुकुंदा, रामप्रताप, धर्मेंद्र, नारायण यादव, सुमिरन, रामस्वारथ, शंभू, संजय, लालती देवी, ओमप्रकाश सहित कई लोग शामिल थे।