गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। विवादित पोस्टर की बात सामने आने के बावजूद पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। दो दिन तक विवादित पोस्टर लगे रहने और फिर विवाद बढ़ने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हाे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर लगे पोस्टर दो दिनों तक सबकी नजर में रहे, लेकिन बीपीओ (बीट पुलिस अफसर) तक को इसकी जानकारी नहीं हुई। इससे साफ है कि या तो पुलिस ने जानबूझकर अनदेखी की है। शनिवार की शाम जब विवाद बढ़ा तो लोगों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना पुलिस कप्तान केशव कुमार तक पहुंची और उन्होंने सीओ को पूरे मामले की जांच सौंपी। इसके बाद प्रभारी थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पोस्टर उतरवाया। वहीं ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर दोषियों की पहचान कर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। पुलिस ने उक्त मौलवी को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है जिसमें उसने कुछ नाम बताएं हैं। रविवार की सुबह किसी व्यक्ति ने सीएम, डीजीपी, डीआईजी, आईजी व कुशीनगर पुलिस को टैग कर मामले में प्रकाशित खबरों की कटिंग को एक्स पर पोस्ट कर दिया। इस पर सीओ को जांच सौंप जिला मुख्यालय से रिपोर्ट तलब किए जाने की चर्चा है।