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Kushinagar News: दिन में तैयार कर लिया था प्लान...रात में दिया वारदात को अंजाम

Fri, 28 Feb 2025 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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मंसाछापर। घर का बड़ा बेटा होने के कारण बख्तर के कांधों पर परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ था। जंगल अमवा में जमीन खरीदकर मकान बनवाने के बाद अख्तर अपने छोटे भाई इश्तियाक को साथ रखकर बेटे की तरह माना। हाड़तोड़ मेहनत कर घर का खर्च उठाया। लेकिन, करीब छह माह पूर्व भाई को पत्नी के साथ अश्लील हरकत करते अख्तर ने देख लिया था। तब से उसकी भाई और पत्नी से अनबन होती रहती थी। अवैध संबंध में आड़े आने वाले अख्तर की हत्या करने का प्लान देवर के साथ मिलकर महिला ने दिन में ही तैयार कर लिया था। घर में सोते समय दोनों आरोपी मिलकर सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया।
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घटना को अंजाम देते वक्त दोनों के हाथ तक नहीं कांपे, पुलिस हिरासत में ली गई पत्नी के चेहरे पर पति की हत्या का कोई मलाल नहीं दिखा। रिश्ते को तार-तार करने वाली इस घटना के बारे में जिसने सुना वह हैरान रह गया। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल अमवा गांव में करीब बीस वर्ष से मकान का निर्माण कराकर 30 वर्षीय अख्तर अपनी पत्नी शबीना और छोटे भाई इश्तियाक के साथ रहता था। वह मूल रूप से बिहार प्रांत के मधुबनी गांव के रहने वाले था। भाई की जिंदगी संवारने और परिवार के खर्च के बोझ तले दबा अख्तर सुबह घर से निकलता थे और गांवों में फेरी लगाकर सामान बेचने के बाद शाम को घर लौटता।
मौके पर जुटे लोगों की मानें तो अख्तर सुबह घर से निकल जाता था, जबकि छोटा भाई इश्तियाक घर पर ही रहता था। शाम को आने पर भाई से बताता था कि आज काम नहीं मिला है, इसलिए नहीं गया हूं। अख्तर को थोड़ा भी शक नहीं था कि सात जन्म तक साथ निभाने की कसम खाने वाली शबीना की नियत खराब हो जाएगी और जिस भाई को छोटे बेटे जैसा मानता था, वह उसकी जान ले लेगा। ऐसा उसने सपने में भी नहीं सोचा था।
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अख्तर की मौत के बाद इसके दो बेटा और दो बेटियां अनाथ हो गई हैं। पुलिस ने पत्नी शबाना को मुख्य आरोपी बनाया गया है। घर में केवल मृतक की वृद्ध मां है। गांव वालों का कहना है कि 12 वर्षीय अल्फराज, 10 वर्षीय अरबीना, सात वर्षीय अशबिना और तीन वर्षीय अरफराज की परवरिश कौन कैसे होगी। आंखों में आंसू लिए मां ने बताया कि अख्तर ने जब होश संभाला तब से उसके सामने परिवार की जिम्मेदारियां आ गई। छोटा बेटा खून का कत्ल करेगा, ऐसा कभी सोचा भी नहीं था। अब ऊपर वाले ही मालिक है, इन बच्चों का भला क्या होगा।
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