पडरौना। शहर में कचरा निस्तारण के लिए कोई प्रबंध नहीं होने का सबसे अधिक नुकसान मुन्ना कॉलोनी और तिलकनगर के लोगों को उठाना पड़ रहा है। पूरे शहर का कचरा मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की पटरियों पर गिराया जा रहा है, जिससे उठने वाली बदबू से इस कॉलोनी के लोगों का अपने घरों में रहना दुश्वार हो जा रहा है।
लोगों को बीमारियों के फैलने की आशंका सताने लगी है। मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किनारे ही मुन्ना कॉलोनी है। कहने के लिए तो इसे पॉश कॉलोनी के नाम से जाना जाता है, लेकिन गंदगी और बदबू के कारण इस मोहल्ले के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
तिलकनगर मोहल्ले के निवासी योगेंद्र मिश्र कहते हैं कि यह मोहल्ले मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के किनारे ही स्थित है। नगरपालिका के सफाईकर्मी पूरे शहर का कूड़ा-करकट और कचरा नहर की पटरी पर ही गिराकर चले जाते हैं।
इसी मोहल्ले के रहने वाले हीरालाल कुशवाहा कहते हैं कि नहर की तलहटी में स्थित इस मोहल्ले के लोगों को कई परेशानियों से जूझना पड़ता है। गंदगी के कारण मच्छर पनपते हैं, जिनसे बीमारियों के फैलने का डर बना रहता है।
मुन्ना कॉलोनी के दिनेश कुमार कहते हैं कि नहर की पटरी पर कचरा गिराए जाने से दोतरफा नुकसान है। सड़क पर कूड़े के ढेर से जहां राहगीर और वाहनचालक परेशान रहते हैं और उनके नहर अथवा गहरे गड्ढे में गिरने का अंदेशा रहता है, वहीं कचरे से उठने वाली दुर्गंध के कारण घरों के बाहर या छतों पर रहना मुश्किल हो जाता है।
मोहल्ले के सभासद प्रमोद श्रीवास्तव कहते हैं कि इस बारे में तहसील दिवस से लगायत डीएम तक को अवगत कराया गया है। लेकिन इस समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। उनका कहना था कि गंदगी और बदबू से इस मोहल्ले में रहना दुश्वार हो जाता है।